उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के अंतर्गत आने वाले प्रमुख व्यावसायिक केंद्र हजरतगंज में आज सुबह नगर निगम और विकास प्राधिकरण के संयुक्त दल ने सड़क किनारे और फुटपाथों पर कब्ज़ा जमाए बैठे अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की। जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अवैध कब्जों के कारण यहाँ यातायात अत्यधिक बाधित होता है और पैदल चलने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर आज बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम के प्रवर्तन दल ने मौके पर पहुंचकर अनधिकृत शेड, ठेलियों और अवैध निर्माणों को हटाना शुरू कर दिया। इस अचानक की गई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर आकर विरोध जताना शुरू कर दिया। व्यापारियों का तर्क था कि उन्हें बिना किसी पूर्व लिखित नोटिस के हटाया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।
व्यापार मंडल और अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद स्थिति हुई नियंत्रित
व्यापारियों के भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और लखनऊ व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई शहर को सुव्यवस्थित और यातायात मुक्त बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है, तथा जिन दुकानदारों के पास वैध लाइसेंस हैं, उन्हें नियमों के दायरे में ही दुकानें संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। लंबी चली बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति बनने के बाद व्यापारियों ने अपना विरोध समाप्त किया, हालांकि निगम की टीम ने कई स्थानों से स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाकर अपने कब्जे में ले लिया। स्थानीय नागरिकों और खरीदारों ने नगर निगम के इस कदम का स्वागत किया है क्योंकि इससे बाजार में आवागमन सुगम हो जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा अतिक्रमण किया गया तो संबंधितों के खिलाफ भारी जुर्माना वसूला जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।