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मौसम का विरोधाभास: मानसून की झमाझम बारिश के बावजूद एल-नीनो से मंडरा रहा सूखे का संकट

देशभर में इस समय मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश का दौर जारी है, लेकिन इसके साथ ही एल-नीनो के प्रभाव ने कृषि और मौसम विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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Kantap News डेस्क
11 अग 2026, 16:34
मौसम का विरोधाभास: मानसून की झमाझम बारिश के बावजूद एल-नीनो से मंडरा रहा सूखे का संकट
देश के कई हिस्सों में इस समय मानसून जमकर बरस रहा है और नदियां-तालाब लबालब हो रहे हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से भले ही जल संकट से राहत मिलती दिख रही हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर सक्रिय एल-नीनो (El Nino) की स्थिति ने भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एल-नीनो का यह फिनिशिंग टच मानसून के अंतिम चरणों या आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है।

एल-नीनो का प्रभाव और चिंताएं

भले ही वर्तमान में बादलों की सक्रियता से अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, लेकिन प्रशांत महासागर में तापमान बढ़ने की घटना यानी एल-नीनो का साया भारतीय उपमहाद्वीप पर लंबे समय तक असर डाल सकता है। इसी वजह से यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या वर्तमान की यह बंपर बारिश महज़ एक छलावा है और क्या देश के कुछ हिस्सों में अभी भी सूखे की स्थिति पैदा हो सकती है? कृषि और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मौसम में इस तरह की विसंगतियां फसलों के लिए घातक साबित हो सकती हैं। यदि आने वाले हफ्तों में बारिश की रफ्तार अचानक धीमी पड़ती है और एल-नीनो का असर तेज होता है, तो किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि झमाझम बारिश के बीच भी सूखा पड़ने का डर पूरी तरह से टला नहीं है और वैज्ञानिक इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
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