महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्से में स्थित नासिक, अहमदनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात और तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) द्वारा जारी प्राथमिक वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, पहला झटका देर रात लगभग 10:14 बजे दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई। इसके बाद तड़के 5:33 बजे एक और हल्का आफ्टरशॉक महसूस किया गया जिसकी तीव्रता 3.3 थी। भूकंप का मुख्य केंद्र नासिक जिले के सुरगाणा-कलवन क्षेत्र में जमीन से महज 5 किलोमीटर की गहराई (shallow depth) में स्थित था।
अचानक आई इस भूगर्भीय हलचल के कारण इमारतों के हिलने और खिड़कियों के खड़खड़ाने की आवाजें सुनकर लोग भारी डर के साए में सड़कों और खुले मैदानों की ओर भागे। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को मिली शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, सुरगाणा और कलवन तालुका के कुछ पुराने और मिट्टी-ईंट से बने कच्चे मकानों की दीवारों तथा छतों में मामूली दरारें आ गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या किसी बड़े ढांचे के गिरने की कोई दुखद सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील, आपदा दल तैनात
नासिक के जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमों ने प्रभावित ग्रामीण इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने सभी राजस्व अधिकारियों और ग्राम सेवकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नुकसान का सटीक आकलन करें। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
सिस्मोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र मुख्य रूप से फॉल्ट लाइन्स के पास स्थित होने के कारण समय-समय पर छोटे झटके दर्ज करता रहता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें। प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से नागरिकों को सलाह दी है कि यदि पुनः झटके महसूस हों तो वे बहुमंजिला इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थान में शरण लें। नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे चालू कर दिया गया है।