राजस्थान के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं, जिसके चलते जल स्रोतों का जलस्तर प्रभावित हो रहा है। हाल ही में पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव और भारी मानसूनी बौछार के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश से बहकर आने वाले पानी की भारी आवक राजस्थान की सीमावर्ती नदियों में लगातार बढ़ रही है।
कालीसिंध और परवन नदियों का बढ़ता जलस्तरमध्यप्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश का सीधा असर झालावाड़ जिले की प्रमुख नदियों पर देखने को मिल रहा है। जिले की महत्वपूर्ण नदियां मानी जाने वाली कालीसिंध और परवन में पानी का प्रवाह काफी तेज हो गया है। जल आवक में अचानक हुई इस बढ़ोतरी के कारण दोनों नदियां एक बार फिर उफान पर आ गई हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और आसपास के इलाकों के निवासियों की निगाहें लगातार जलस्तर पर बनी हुई हैं।
नदियों के जलस्तर में हो रही इस लगातार वृद्धि को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित विभागों द्वारा सतर्कता बरती जा रही है। मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में बारिश की स्थितियों को लेकर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित परिस्थिति से समय रहते निपटा जा सके। स्थानीय प्रशासन ने नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है।