कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश

नया स्वतंत्रता आंदोलन: सोनम वांगचुक ने भारतीय राजनीति की दिशा बदलने का किया बड़ा आह्वान

पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देश की राजनीतिक व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए एक नए आंदोलन की जरूरत बताई है।

X
Kantap News डेस्क
16 अग 2026, 18:17
नया स्वतंत्रता आंदोलन: सोनम वांगचुक ने भारतीय राजनीति की दिशा बदलने का किया बड़ा आह्वान
जाने-माने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने देश की मौजूदा राजनीतिक प्रणाली को नई दिशा देने के लिए एक दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन का जोरदार आह्वान किया है। उनका मानना है कि स्वतंत्रता के इतने दशकों बाद भी देश की व्यवस्था में वे बुनियादी बदलाव नहीं आ पाए हैं जिनकी कल्पना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों को सशक्त बनाने और शासन प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर आगे आना होगा। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

व्यवस्था परिवर्तन की आवश्यकता

वांगचुक के अनुसार, आज देश के सामने पर्यावरण संकट से लेकर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढिलाई जैसी कई गंभीर समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं। जब तक राजनीतिक दलों की कार्यशैली में आमूल-चूल परिवर्तन नहीं होता, तब तक जमीनी स्तर पर वास्तविक विकास का सपना अधूरा ही रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल दर्शक न बनें बल्कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लें। उनका यह विचार एक ऐसे समाज के निर्माण पर केंद्रित है जहाँ नीतियां जनता की वास्तविक भलाई को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।

भविष्य का रोडमैप और जनसमर्थन

इस पहल को व्यापक जनसमर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि देश का युवा वर्ग अब पारंपरिक राजनीति से ऊब चुका है। एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था की मांग देश के कोने-कोने से उठने लगी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह के वैचारिक आंदोलन मुख्यधारा की राजनीति को किस प्रकार प्रभावित करते हैं और क्या इससे देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में कोई सकारात्मक बदलाव आ पाता है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज