भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए आज पलवल से जेवर एयरपोर्ट के बीच अत्याधुनिक वंदे भारत मेट्रो का सफल प्रायोगिक परीक्षण संपन्न हुआ। उत्तर भारत में क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम और मेट्रो सेवाओं को एकीकृत करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस परीक्षण के दौरान ट्रेन ने निर्धारित गति सीमा और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नए मार्ग के शुरू होने से हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय आधा रह जाएगा और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं इस नई वंदे भारत मेट्रो ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित है और इसमें ऑटोमैटिक दरवाजे, सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम और आधुनिक एलईडी डिस्प्ले जैसी हाई-टेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए कोच और व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से पहले इस रेल लिंक के शुरू हो जाने से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और स्थानीय निवासियों दोनों के लिए आवागमन बेहद सुगम और आरामदायक हो जाएगा।
अगस्त के अंत तक नियमित सेवाओं की शुरुआत रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस सफल ट्रायल के बाद अब सुरक्षा संबंधी अंतिम स्वीकृतियां ली जा रही हैं। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो इसी महीने के अंत तक इस रूट पर नियमित वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। किराया संरचना को भी आम जनता की पहुंच के भीतर रखने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें दैनिक यात्रियों के लिए रियायी मासिक पास की सुविधा भी शामिल होगी। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी बल्कि सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव भी कम होगा।