भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज एक विशेष बुलेटिन जारी कर उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की सूचना दी है। अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
इस भारी बारिश के कारण मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित होने की आशंका है। कई जगहों पर यातायात व्यवस्था चरमरा सकती है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय पुलिस और नागरिक सुरक्षा बलों की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे फिलहाल पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से बचें। पिछली बारिश की तबाही को ध्यान में रखते हुए इस बार सरकार ने एहतियाती कदम पहले ही उठाने शुरू कर दिए हैं, ताकि जान-माल का नुकसान कम से कम हो।
मानसून की यह सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए एक तरफ फायदेमंद है तो दूसरी तरफ बाढ़ का भय भी लेकर आई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों की कटाई और भंडारण के लिए उचित व्यवस्था करें। राज्य सरकार ने सहायता केंद्रों की स्थापना की है जहां लोग बारिश से जुड़ी किसी भी समस्या की रिपोर्ट कर सकते हैं। बिजली विभाग को भी सतर्क रहने को कहा गया है ताकि बिजली के खंभों या लाइनों के गिरने से होने वाले हादसों को रोका जा सके। आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर रखने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है जो समय-समय पर स्थिति का आकलन करेगी।