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विश्व धरोहर सूची की ओर कदम: सारनाथ को यूनेस्को (UNESCO) टैग दिलाने की कवायद तेज, यूपी सरकार करेगी बफर जोन का ड्रोन सर्वे

भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मास्टर प्लान और बफर जोन सर्वे की प्रक्रिया तेज कर दी है।

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Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 18:09
विश्व धरोहर सूची की ओर कदम: सारनाथ को यूनेस्को (UNESCO) टैग दिलाने की कवायद तेज, यूपी सरकार करेगी बफर जोन का ड्रोन सर्वे
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित ऐतिहासिक और पवित्र बौद्ध तीर्थस्थल सारनाथ को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की प्रतिष्ठित 'विश्व धरोहर स्थल' (World Heritage Site) की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के साथ मिलकर सारनाथ के मुख्य स्तूपों, प्राचीन अवशेषों और उनके आसपास के पूरे 5 किलोमीटर के 'बफर जोन' का अत्याधुनिक ड्रोन सर्वे कराने का निर्णय लिया है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य सारनाथ के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों को रोकना, प्राचीन स्मारकों का डिजिटलीकरण करना और यूनेस्को के वैश्विक मानकों के अनुरूप संरक्षण डोजियर तैयार करना है।

पुरातत्व संरक्षण और हरित कॉरिडोर का निर्माण

यूनेस्को के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी स्थल को विश्व धरोहर घोषित करने से पहले उसके आसपास के प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यावरण की सुरक्षा अनिवार्य होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी सरकार सारनाथ क्षेत्र में ई-वाहन (इलेक्ट्रिक बसें व रिक्शा) जोन बनाने, मुख्य धमेख स्तूप के चारों ओर एक विशाल हरित कॉरिडोर विकसित करने और आधुनिक व्याख्या केंद्र (Interpretation Centre) स्थापित करने पर काम कर रही है। इस डोजियर को अंतिम रूप देकर जल्द ही केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से यूनेस्को मुख्यालय पेरिस भेजा जाएगा। यदि सारनाथ को यह टैग मिलता है, तो यह उत्तर प्रदेश का चौथा विश्व धरोहर स्थल बन जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को मिलेगी अभूतपूर्व गति

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सारनाथ में आने वाले देशी-विदेशी बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया जाए। थाइलैंड, जापान, वियतनाम और श्रीलंका जैसे देशों से हर साल लाखों श्रद्धालु सारनाथ आते हैं। यूनेस्को टैग मिलने से सारनाथ का नाम दुनिया के शीर्ष पर्यटन मानचित्र पर और अधिक प्रमुखता से चमकेगा, जिससे राज्य में विदेशी मुद्रा, होटल उद्योग, हस्तशिल्प और स्थानीय रोजगार के नए अवसरों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की जाएगी।
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