कंटाप
NEWS
शनिवार, 31 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
स्वदेशी परमाणु घड़ी के साथ इसरो के NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, नेविगेशन उपग्रह कक्षा में स्थापित      नेतन्याहू के बहुमत से पिछड़ने पर अरब मीडिया में क्या कहा जा रहा है      बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक क्यों आ रहे समुद्री तूफान? 1970 वाले कनेक्शन का रिपोर्ट में खुलासा      95 साल बाद जनगणना में जाति पूछी जाएगी: यूपी-पंजाब समेत 5 चुनावी राज्यों में फिलहाल नहीं; बाकी देश में 25 जन...      कल का मौसम, 31 अक्टूबर: शनिवार को 25 राज्यों में होगी बारिश, 50-60 की स्पीड से चलेगी हवा      'मोदी कहीं नहीं जाएगा' के नारों से गूंजा गुजरात, PM बोले- 'आखिरी सांस तक करूंगा देश की सेवा'      अभिजीत दीपके से एक कदम आगे नेहा बोरा, समर्थन दोनों का लेकिन... विपक्ष की रामलीला मैदान रैली पर नया ट्विस्ट      MLC चुनाव रिजल्ट का साइड इफेक्ट, BJP-शिंदे गठबंधन में तकरार, UP में बढ़ी टेंशन     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
मनोरंजन

मोबाइल और टीवी: अश्लील सामग्री से दूर रहने का दिया गया कड़ा संदेश

नई पीढ़ी को इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। मोबाइल और टेलीविजन पर परोसी जा रही अगाध अश्लीलता के खिलाफ समाज को गंभीर चेतावनी दी गई है। महिलाओं के उदाहरण देकर सोच बदलने का आग्रह किया गया है।

A
Ankit Yadav
28 अक्ट 2026, 13:01
मोबाइल और टीवी: अश्लील सामग्री से दूर रहने का दिया गया कड़ा संदेश

वीरों के संघर्ष का उल्लेख और सांस्कृतिक मूल्यों की अनिवार्यता

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हमारे महान इतिहास और देश के महान वीरों के बलिदान को गहराई से याद किया। महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ ही पृथ्वीराज चौहान जैसे पराक्रमी वीरों के संघर्ष का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से पूरी तरह परिचित कराना बेहद जरूरी हो चुका है। इसके साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों को युवा पीढ़ी के जीवन में उतारने की दिशा में काम करने की आवश्यकता जताई गई ताकि आने वाला समाज अपने अतीत से जुड़ा रहे। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वजों ने देश और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति तक दे दी थी। इस महान इतिहास को भूल जाने से समाज को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए हर घर और परिवार में बच्चों को इन महान वीरों की गाथाएं सुनानी चाहिए ताकि वे देशप्रेम और संस्कृति के असली अर्थ को समझ सकें। यह प्रयास समाज को एकजुट करने और मजबूत बनाने में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है जिससे हमारी सांस्कृतिक धरोहर हमेशा सुरक्षित बनी रह सकेगी और युवा अपनी जड़ों को नहीं भूलेंगे।

अश्लील सामग्री पर चिंता और जिला अध्यक्ष का समाज के नाम आह्वान

वर्तमान समय में आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए परोसी जा रही सामग्री पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। वक्ताओं ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मोबाइल और टेलीविजन के माध्यम से लगातार अश्लील सामग्री परोसी जा रही है जिससे समाज का माहौल खराब हो रहा है। इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री से समाज के लोगों को विशेष रूप से दूर रहने और सतर्क रहने की सख्त जरूरत बताई गई है। जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह राजपूत ने सभी बहनों से एक महत्वपूर्ण और स्पष्ट आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे अपने घर, गांव और पूरे क्षेत्र के परिवारों तथा समाज को अतीत और वर्तमान के सभी जरूरी विषयों में जागरूक करने का पूरा प्रयास करें। समाज में फैली बुराइयों और तकनीकी माध्यमों के नकारात्मक प्रभावों से नई पीढ़ी को बचाने के लिए महिलाओं को आगे आना होगा। जब महिलाएं खुद आगे बढ़कर अपने घरों और आसपास के इलाकों में लोगों को समझाएंगी तो इसका बहुत ही सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। इस प्रकार के निरंतर प्रयासों से ही हम अपने समाज को पतन की ओर जाने से बचा सकते हैं और आने वाली पीढ़ी को एक सही और स्वच्छ दिशा प्रदान कर सकते हैं जिससे हर परिवार में जागरूकता फैल सकेगी।

प्रेरणादायी महिलाओं के आदर्श और सोच में बदलाव लाने की जरूरत

समाज को सही राह दिखाने के लिए इतिहास की महान और प्रेरणादायी महिलाओं के चरित्र को याद करने पर जोर दिया गया। जिला मंत्री राजू जाट ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि हमारे देश के हर घर में सीता, लक्ष्मीबाई और दुर्गावती जैसी महान महिलाओं के प्रेरणादायी उदाहरण हमेशा से मौजूद रहे हैं। इन वीरांगनाओं का जीवन चरित्र हमें हर परिस्थिति में संघर्ष करने और अपने संस्कारों पर अटल रहने की प्रेरणा देता है। आज की मुख्य आवश्यकता यह है कि हम अपनी पुरानी सोच में सकारात्मक बदलाव लाएं और इन महान महिलाओं के बताए गए आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में पूरी तरह से अपनाएं। जब तक हम अपनी सोच में बदलाव नहीं लाएंगे तब तक समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना संभव नहीं हो पाएगा। इन ऐतिहासिक पात्रों के जीवन से सीख लेकर युवा पीढ़ी को अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और मोबाइल तथा टीवी पर मिलने वाली फूहड़ता का त्याग करना चाहिए। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि यदि समाज के लोग इन आदर्शों को अपना लेंगे तो हमारी संस्कृति का वैभव फिर से लौट आएगा और आने वाला कल निश्चित रूप से अधिक सुरक्षित तथा सुसंस्कृत बन सकेगा जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज