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अदालत का फैसला: शादी से इनकार करने पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस रद्द, हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी महिला के साथ विवाह करने से मना करना आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता है।

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Kantap News डेस्क
19 अग 2026, 17:29
अदालत का फैसला: शादी से इनकार करने पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस रद्द, हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की तरफ से एक महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी गई है, जिसके तहत अदालत ने एक युवती की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में दर्ज प्राथमिकी यानी एफआईआर को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में साफ कहा कि केवल किसी युवती के साथ शादी के प्रस्ताव को अस्वीकार कर देना या संबंध आगे न बढ़ाने की बात कहना आपराधिक कानून के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आधार नहीं बन सकता है।

अदालत की बड़ी टिप्पणी

न्यायाधीश ने मामले की समस्त परिस्थितियों और तथ्यों की गहराई से समीक्षा करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला। अदालत का मानना था कि इस तरह के मामलों में बिना किसी ठोस और प्रत्यक्ष उकसावे के सबूत के किसी व्यक्ति को केवल आपसी रिश्तों की अनबन या विवाह न करने के निर्णय के आधार पर आरोपी नहीं ठहराया जा सकता। इस आदेश के बाद से कानूनी हलकों में इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है। उच्च न्यायालय के इस रुख से उन मामलों में एक स्पष्ट दिशा मिलती है जहाँ व्यक्तिगत रिश्तों के तनाव और असहमति को आपराधिक मुकदमों का रूप दे दिया जाता है। अदालत ने अपने इस निर्णय से संबंधित व्यक्ति को कानूनी राहत प्रदान की है।
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