औरैया:
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के एक सबसे चर्चित और सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (न्यायाधीश विनय कुमार सिंह) ने बड़ा फैसला सुनाया है।
क्या था पूरा मामला?
मंदिर की जमीन को लेकर विवाद:
यह सनसनीखेज घटना 15 मार्च 2020 की है, जब औरैया कोतवाली क्षेत्र के नारायणपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर की जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। दिनदहाड़े हत्या:
इस विवाद के दौरान हुई गोलीबारी में पेशे से वकील मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन (सरकारी शिक्षिका) सुधा चौबे की मौके पर ही गोली लगने से मौत हो गई थी। दिनदहाड़े हुई इस दोहरी हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। लंबी चली कानूनी प्रक्रिया: इस मामले में लगभग छह साल तक अदालत में सुनवाई चली।
इस दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से कुल 72 गवाह पेश किए गए, जिनके बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।
किन-किन लोगों को मिली सजा?
अदालत ने जिन 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक
उनके भाई व पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक
भाई रामू पाठक
इसके अलावा कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी, गनर अवनीश प्रताप सिंह, भागवत आचार्य राजेश शुक्ला, आशीष दुबे, शिवम अवस्थी और रवींद्र उर्फ लल्ला चौबे को भी दोषी करार दिया गया है।
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अदालत में मजबूत पैरवी के चलते दोषियों को सजा दिलाई जा सकी है।