प्रशासनिक फेरबदल के आदेश जारी
दीवाली से ठीक पहले पुलिस विभाग की तरफ से बड़े स्तर पर एक प्रशासनिक सर्जरी की गई है जिसके तहत कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इस ताजा आदेश के दायरे में प्रशासनिक सेवा से जुड़े कुल 28 अधिकारी आए हैं जिनकी सूचियों में नए कार्यभार सौंपे गए हैं। इस पूरी फेरबदल प्रक्रिया के अंतर्गत छह भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसके साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के बाईस अफसरों को भी नए पदों पर तैनात किया गया है। अधिकारियों के इन तबादलों से पुलिस महकमे में कामकाज को बेहतर और सुचारू बनाने का प्रयास किया गया है। विभाग द्वारा जारी किए गए इन आदेशों के बाद से प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को उनके नए कार्यक्षेत्रों में जल्द से जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सर्जरी के इन नए आदेशों से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में एक नया बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।
दिग्गज अधिकारियों को मिले नए कार्यभार
इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़े बदलाव किए गए हैं। वर्तमान समय में रेलवे एवं कमांडो मामलों के पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजीपी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे बी सतीश बालन को अब एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें आईजीपी आईआरबी भोंडसी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालना होगा जिससे उनकी जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। वहीं दूसरी तरफ जींद जिले के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह का तबादला करते हुए उन्हें सीआईडी में नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा उनके कंधों पर एटीएस के पुलिस अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया है ताकि कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। सीआईडी और एटीएस इकाई में तैनात रहीं उपासना को अब जींद जिले का नया जिला पुलिस अधीक्षक बना दिया गया है। इन तमाम तबादलों और नियुक्तियों से पुलिस प्रशासन के विभिन्न विभागों में कामकाज की गति को और अधिक तेज करने का प्रयास किया गया है।
राज्यपाल के नए एडीसी की नियुक्ति
इस प्रशासनिक फेरबदल की सूची में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी में अपनी सेवाएं दे रहे मोहित हांडा को भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें हरियाणा राज्य के राज्यपाल का नया एडीसी नियुक्त किया गया है जिसके आदेश विभाग की तरफ से जारी किए गए हैं। राज्यपाल के एडीसी के रूप में कार्य करने के साथ ही उन्हें लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सरकार और पुलिस विभाग की तरफ से समय-समय पर प्रशासनिक मशीनरी को दुरुस्त करने के लिए ऐसे कदम उठाए जाते हैं। अधिकारियों के इन तबादलों से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और जनता को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी। सभी नवनयुक्त अधिकारियों ने अपने नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिससे पुलिस विभाग का कामकाज सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है।