कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

ऐतिहासिक उपलब्धि: उत्तर प्रदेश का 140 साल पुराना पारीछा बांध बना विश्व धरोहर

उत्तर प्रदेश की एक ऐतिहासिक जल संरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है, जिसके तहत 140 साल पुराने पारीछा बांध को विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है।

A
Ankit Yadav
20 अग 2026, 12:36
ऐतिहासिक उपलब्धि: उत्तर प्रदेश का 140 साल पुराना पारीछा बांध बना विश्व धरोहर
उत्तर प्रदेश की समृद्ध और प्राचीन इंजीनियरिंग का लोहा अब पूरी दुनिया में माना जा रहा है। राज्य में स्थित लगभग 140 वर्ष पुराना ऐतिहासिक पारीछा बांध को आधिकारिक तौर पर विश्व धरोहर के रूप में स्वीकार कर लिया गया है। इस शानदार उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ इतिहास प्रेमियों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है।

फ्रांस में होगा भव्य सम्मान समारोह

इस ऐतिहासिक और प्राचीन संरचना के महत्व को वैश्विक स्तर पर रेखांकित करते हुए, आगामी 14 अक्टूबर को फ्रांस में एक विशेष समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पारीछा बांध को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया जाएगा, जो देश के लिए एक गर्व का क्षण होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैश्विक मान्यता मिलने से न केवल ऐतिहासिक महत्व की इस जल परियोजना को नई पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी इसे बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है। बांध के इतिहास और इसकी मजबूती को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज