Lucknow Desk : लखनऊ में राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर है। अगर किसी परिवार ने लगातार छह महीने तक सरकारी राशन नहीं लिया है, तो उसका राशन कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। ऐसे कार्ड को ऑनलाइन देखा जा सकेगा, लेकिन उस पर राशन का आवंटन और वितरण रोक दिया जाएगा। बताया गया है कि राशन व्यवस्था में ऐसे कार्डों की पहचान हर महीने की 21 तारीख को की जाएगी। इस दौरान पिछले छह महीने से राशन नहीं लेने वाले कार्डों को चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद चिन्हित कार्डों को अगले महीने की 1 तारीख से अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि कार्ड का रिकॉर्ड पूरी तरह खत्म हो जाएगा। कार्ड ऑनलाइन दिखाई दे सकता है, लेकिन जब तक वह दोबारा सक्रिय नहीं होता, तब तक उसके जरिए सरकारी राशन नहीं मिल पाएगा। इसलिए जिन परिवारों को राशन की जरूरत है, उन्हें नियमित रूप से निर्धारित समय पर राशन लेने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों की ई-केवाईसी भी जरूरी है। परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी तीन महीने के भीतर पूरी करने की बात कही गई है। अगर तय समय में ई-केवाईसी पूरी नहीं होती है, तो संबंधित राशन कार्ड को सिस्टम से हटाए जाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
आधार कार्ड के मिलान के दौरान अगर एक ही व्यक्ति का नाम एक से ज्यादा राशन कार्ड में पाया जाता है, तो ऐसे कार्ड भी जांच के दायरे में आएंगे। डुप्लीकेट नाम या एक से अधिक राशन कार्ड में एक ही व्यक्ति की जानकारी मिलने पर संबंधित कार्ड को निष्क्रिय किया जा सकता है। इसलिए राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी है कि वे अपने कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों की जानकारी जांच लें। सभी सदस्यों की ई-केवाईसी समय पर पूरी कराएं और अगर किसी सदस्य का नाम गलती से किसी दूसरे राशन कार्ड में दर्ज है, तो उसे ठीक कराने की प्रक्रिया अपनाएं। सरकारी राशन का लाभ लेने वाले परिवारों को अपने राशन कार्ड और आधार से जुड़ी जानकारी को अपडेट रखना चाहिए। किसी तरह की समस्या होने पर संबंधित राशन की दुकान या खाद्य एवं रसद विभाग के माध्यम से जानकारी ली जा सकती है।