अलवर शहर के प्राचीन धरोहरों और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में आज जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पर्यावरणविदों की मौजूदगी में ऐतिहासिक बड़ा तालाब क्षेत्र के विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य तालाब के पानी की गुणवत्ता में सुधार करना, चारों ओर हरियाली बढ़ाना और इसे प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित प्राकृतिक आश्रय स्थल के रूप में विकसित करना है। अधिकारियों ने बताया कि इस पर लगभग आठ करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
परियोजना के तहत तालाब के तटों पर पाथवे, ओपन जिम, बच्चों के लिए पार्क और योग शेड का निर्माण किया जाएगा ताकि सुबह-शाम टहलने आने वाले नागरिकों को एक स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण मिल सके। इसके साथ ही, पक्षी प्रेमियों और शोधार्थियों के लिए विशेष वाच टावर और फोटोग्राफी पॉइंट भी बनाए जाएंगे जहाँ से विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का दीदार किया जा सके। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली को भी इस योजना का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है ताकि गर्मियों के मौसम में भी तालाब में पर्याप्त जल स्तर बना रहे।
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि इस योजना के पूरा होने से अलवर के पर्यटन मानचित्र पर एक नया और आकर्षक केंद्र जुड़ेगा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर नजर रखने के लिए एक विशेष निगरानी समिति का भी गठन किया गया है जो हर पखवाड़े कार्य प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।