कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

अरावली पर्वतमाला का भौगोलिक विस्तार: जानें भारत के किन राज्यों तक फैली हैं ये प्राचीन पहाड़ियां

भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में शुमार अरावली पहाड़ियों के भौगोलिक विस्तार और राज्यों को लेकर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं।

X
Kantap News डेस्क
11 अग 2026, 16:09
अरावली पर्वतमाला का भौगोलिक विस्तार: जानें भारत के किन राज्यों तक फैली हैं ये प्राचीन पहाड़ियां
देश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में स्थित अरावली पर्वतमाला अपनी अनूठी भौगोलिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए जानी जाती है। राजस्थान राज्य से होकर गुजरने वाली यह प्राचीन श्रृंखला पर्यावरण संरक्षण और भूजल संवर्द्धन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हाल ही में शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में इन पहाड़ियों के विस्तार को लेकर विशेष चर्चाएं सामने आई हैं, जिसमें बताया गया है कि यह श्रृंखला मुख्य रूप से किन-किन राज्यों और क्षेत्रों को आपस में जोड़ती है। पर्यावरणविद् लगातार इसके संरक्षण के लिए आवाज उठाते रहे हैं ताकि पारिस्थितिकी संतुलन बना रहे।

पर्यावरण और भू-संरक्षण में अरावली का महत्व

अरावली की ये पहाड़ियां न केवल राजस्थान के मरुस्थलीकरण को आगे बढ़ने से रोकती हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में मानसून की हवाओं को दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। अवैध खनन और अनियोजित शहरीकरण के कारण पिछले कुछ दशकों में इस क्षेत्र को काफी क्षति पहुंची है, जिस पर माननीय न्यायालयों और प्रशासनिक निकायों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। स्थानीय प्रशासन द्वारा इन पहाड़ियों के हरित आवरण को बचाने के लिए नए वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं और सख्त कानून लागू किए गए हैं ताकि प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखा जा सके। स्कूली छात्र-छात्राओं और शोधकर्ताओं के बीच भी अरावली के इतिहास को लेकर खासी उत्सुकता देखने को मिलती है। भूगोलवेत्ता इसके संरक्षण को देश की जलवायु सुरक्षा के लिए अनिवार्य मानते हैं। स्थानीय ग्रामीण भी इन पहाड़ियों से जुड़े पारंपरिक जल स्रोतों और जंगलों को बचाने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर जागरूकता लगातार बढ़ रही है और सरकारों द्वारा भी इसके पुनरुद्धार के लिए विशेष बजट आवंटित किए जा रहे हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज