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बड़ी प्रशासनिक लापरवाही: बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में भगदड़ से सात की मौत

बिहार के लखीसराय जिले से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में अचानक मची भगदड़ के कारण सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और स्थानीय प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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Kantap News डेस्क
19 अग 2026, 14:51
बड़ी प्रशासनिक लापरवाही: बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में भगदड़ से सात की मौत
सोमवार के दिन जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु अशोकधाम मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे, तभी अचानक प्रबंधन की भारी चूक और अत्यधिक भीड़ के दबाव के कारण मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस भयानक हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं, जो पर्व या विशेष अवसर पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए कतार में खड़ी थीं। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि कई लोग जमीन पर गिर पड़े और कुचले जाने के कारण मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया और राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया जहाँ उनका इलाज जारी है।

पोस्टमॉर्टम और जांच प्रक्रिया

प्रशासन ने इस हादसे में मृत सभी सात लोगों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों की पूरी जानकारी मिल सके। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया है और इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर किस लापरवाही के कारण इतनी बड़ी संख्या में लोग अनियंत्रित भीड़ का शिकार बने और क्या मंदिर समिति ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे या नहीं।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस हृदयविदारक घटना ने देश भर के बड़े धार्मिक स्थलों पर होने वाली भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय नागरिकों और चश्मदीदों का आरोप है कि भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा कर्मियों और पुलिस बल की तैनाती जरूरत के हिसाब से बहुत कम थी, जिसके कारण स्थिति तेजी से हाथ से निकल गई। सरकार और मंदिर न्यास बोर्ड को भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की सख्त जरूरत है ताकि किसी भी श्रद्धालु की जान इस प्रकार की अव्यवस्था की भेंट न चढ़े।
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