छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया है। जिले के दूरदराज और घने जंगलों से घिरे ग्रामीण इलाकों के हर घर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही 'हर घर नल से जल' योजना का शत-प्रतिशत लक्ष्य आज पूरा कर लिया गया है। इस उपलब्धि के जश्न में कई गाँवों में विशेष ग्राम सभाओं और उत्सवों का आयोजन किया गया, जहाँ ग्रामीणों ने नल की टूटी खोलकर पानी आने का स्वागत किया। वर्षों तक पीने के पानी के लिए मीलों दूर जाने वाली महिलाओं के चेहरों पर आज एक बड़ी मुस्कान देखने को मिली।
सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति संयंत्र
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दुर्गम पहाड़ी और वन क्षेत्रों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति न होने के कारण कई स्थानों पर अत्याधुनिक सौर ऊर्जा आधारित पंप और जलापूर्ति संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इससे बिना किसी रुकावट के लगातार पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, जल की गुणवत्ता की नियमित जांच के लिए स्थानीय ग्रामीण महिलाओं को ही 'फील्ड टेस्ट किट' का प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे अपने गाँव के पानी की शुद्धता की समय-समय पर जांच कर सकें।
ग्रामीण स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार
जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जल जनित बीमारियों (जैसे डायरिया और टाइफाइड) के मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर को सुधारने में भी मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय सरपंचों और नागरिकों ने केंद्र और राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके जीवन स्तर में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।