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कमजोर मानसून: पूरे राजस्थान में 16 और जयपुर में 22 प्रतिशत कम बारिश दर्ज

राजस्थान में मानसून की चाल इस बार सुस्त पड़ गई है, जिससे पूरे प्रदेशभर में बारिश के आंकड़ों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अपेक्षित मानसूनी बारिश नहीं हो पाई है।

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Ankit Yadav
25 अग 2026, 18:39
कमजोर मानसून: पूरे राजस्थान में 16 और जयपुर में 22 प्रतिशत कम बारिश दर्ज
राजस्थान के विभिन्न इलाकों में मानसून की सक्रियता अचानक कम हो गई है, जिसके चलते बादलों की आवाजाही के बावजूद मनमुताबिक पानी नहीं बरस रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक राज्यभर में सामान्य औसत की तुलना में अब तक 16 फीसदी कम बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस स्थिति ने कृषि क्षेत्र और जल संसाधनों से जुड़े लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मानसूनी हवाओं के कमजोर पड़ने से वातावरण में उमस और गर्मी का असर भी बढ़ गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में कोई नया वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं हुआ, तो यह घाटा और अधिक बढ़ सकता है।

जयपुर और अन्य जिलों का हाल

जयपुर जिले में स्थिति और भी अधिक चिंताजनक बनी हुई है। गुलाबी शहर यानी जयपुर में सामान्य कोटे की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो कि राज्य औसत से काफी अधिक है। केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बादलों की बेरुखी साफ तौर पर देखी जा सकती है। ग्रामीण अंचलों में किसान अपने खेतों के लिए अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन कमजोर मानसून के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जल स्रोतों और जलाशयों में पानी का स्तर उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे आगामी महीनों में पेयजल संकट की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। कृषि सेक्टर पर इस मौसमी बदलाव का गहरा असर पड़ रहा है। खरीफ की फसलों की बुवाई और उनकी ग्रोथ के लिए इस समय पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन बारिश की कमी के कारण किसानों को अतिरिक्त सिंचाई प्रबंध करने पड़ रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसानों को उपलब्ध जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए ताकि फसलों को बचाया जा सके। राज्य सरकार और संबंधित विभाग भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जमीनी हालात का जायजा ले रहे हैं। आने वाले दिनों में मौसम का रुख किस प्रकार का रहेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में कोई नया मानसूनी सिस्टम बनता है, तो प्रदेश के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश की वापसी हो सकती है। हालांकि, तात्कालिक तौर पर आसमान साफ रहने और धूप निकलने के कारण तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की जा रही है। आम जनता और किसान वर्ग अब केवल झमाझम बारिश की आस लगाए बैठे हैं ताकि इस सीजन की भरपाई हो सके और सूखे जैसे हालात से बचा जा सके।
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