कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई      बिहार की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट: एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, बिल्डिंग के बाहर शव बिखरे; घनी आबादी क...      PHOTOS: स्कॉर्पियो से कैदी वाहन और महंगे होटलों से जेल के खाने तक... मॉडल श्रद्धा दुबे का डाउनफॉल!      ईरान पर कहर बरपाने को तैयार था इजरायल, मगर ट्रंप ने रोक दिया; किस शर्त पर माने नेतन्याहू      आगरा MLC चुनाव में सपाई-भाजपाई भिड़े, फतेहाबाद में बैलेट पेपर पर निशान लगाने का आरोप      राम ने यादव को मारा, मोहम्मद इकबाल भीख मांगते हैं, वोटरों के नाम पर बवाल, किसने      दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की नेहा बोरा की याचिका, 'पीस बॉन्ड' भरने के खिलाफ की थी अपील      ऑपरेशन सिंदूर में PAK की हवा टाइट करने वाले नागास्त्र अटैक ड्रोन का नया वर्जन सेना को मिला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

दुग्ध विकास: बेगूसराय के बलिया में अत्याधुनिक मिल्क चिलिंग प्लांट का हुआ लोकार्पण

बिहार के बेगूसराय जिले के बलिया अनुमंडल में आज पशुपालक किसानों की सुविधा और दूध की बर्बादी रोकने के लिए एक अत्याधुनिक मिल्क चिलिंग प्लांट का लोकार्पण किया गया, जिससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:08
दुग्ध विकास: बेगूसराय के बलिया में अत्याधुनिक मिल्क चिलिंग प्लांट का हुआ लोकार्पण
बिहार के बेगूसराय जिले के अंतर्गत बलिया प्रखंड परिसर में आज सुबह एक आधुनिक दुग्ध शीतलन केंद्र यानी मिल्क चिलिंग प्लांट का उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और दुग्ध संघ के अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस नए प्लांट की क्षमता प्रतिदिन बीस हजार लीटर दूध संरक्षित करने की है, जिससे बलिया और आसपास के दर्जनों गांवों के पशुपालकों को अपनी उपज का सही समय पर उचित मूल्य मिल सकेगा। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला सहकारिता अधिकारी ने कहा कि इस संयंत्र के शुरू होने से अब गर्मियों के मौसम में भी दूध खराब होने की समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

किसानों की आय में होगी वृद्धि

ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी फार्मिंग से जुड़े छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह प्लांट एक वरदान साबित होगा। पहले किसानों को दूध बेचने के लिए दूर-दराज के शहरी बाजारों में जाना पड़ता था, जिससे परिवहन खर्च बढ़ जाता था और कई बार दूध खराब भी हो जाता था। अब किसान सीधे अपने गांव के नजदीक इस चिलिंग यूनिट में मानक दरों पर दूध की आपूर्ति कर सकेंगे। दुग्ध संघ द्वारा किसानों के खातों में सीधे डिजिटल माध्यम से भुगतान भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहेगी।

पशु स्वास्थ्य और चारा प्रबंधन पर जोर

इस अवसर पर पशुपालन विभाग द्वारा एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें पशुओं के टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित पशु आहार और हरा चारा उगाने की आधुनिक विधियों के बारे में प्रशिक्षित किया ताकि दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में बढ़ोतरी हो सके। स्थानीय किसानों ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर बताया है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्र में श्वेत क्रांति को और अधिक गति मिलेगी।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज