स्वतंत्रता के अमर प्रतीकों को नमन: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए देश की आन-बान-शान के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज के प्रति हर नागरिक के कर्तव्य और निष्ठा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारा तिरंगा केवल एक कपड़ा या प्रतीक मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत के अतुलनीय सम्मान, अटूट स्वाभिमान और अनगिनत वीरों के अमर बलिदान का साक्षात रूप है। मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक नागरिक से यह भावुक और ओजस्वी आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर अपने-अपने घरों पर पूरे गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं और देशप्रेम की भावना को और मजबूत करें।
भारतीय ध्वज का ऐतिहासिक सफर और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय ध्वज के विकास यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने 1905 के ऐतिहासिक 'स्वदेशी आंदोलन' का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी के विचार ने आजादी की अलख जगाई थी। इसके साथ ही उन्होंने 1930 के उस दौर को भी याद किया जब चरखे से सुशोभित ध्वज भारत की आत्मनिर्भरता और स्वाधीनता की मुख्य पहचान बन गया था। मुख्यमंत्री ने देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों और शूरवीरों के योगदान को नमन करते हुए उन्हें कृतज्ञतापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रभक्ति का अभूतपूर्व उत्साह इस विशेष अभियान के अंतर्गत पूरे राज्य में देशभक्ति और उल्लास का एक अनोखा माहौल देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक व्यापक स्तर पर विभिन्न आयोजनों की श्रृंखला चलाई जा रही है:
युवा रैलियां और प्रभात फेरियां: प्रदेश के युवाओं में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर भारी उत्साह है, और वे हाथ में तिरंगा लेकर प्रभात फेरियों व भव्य वाहन रैलियों के माध्यम से जन-जागरूकता फैला रहे हैं।
सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम: स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक मंचों पर देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नाटकों और विचार-गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है।
जन-जन की सहभागिता: सरकारी विभागों से लेकर आम नागरिकों तक, सभी लोग इस राष्ट्रव्यापी अभियान को एक उत्सव के रूप में मना रहे हैं।
यह अभियान न केवल आने वाली पीढ़ियों को हमारे स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम इतिहास से जोड़ने का काम कर रहा है, बल्कि समाज में एकता, बंधुत्व और राष्ट्र-निर्माण के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।