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हिमालय दिवस पर शुभकामना: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने दी बधाई
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया है।
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Ankit Yadav
10 सित 2026, 12:12
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में हिमालय दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी निवासियों को अपनी तरफ से खास शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस विशेष अवसर पर उन्होंने राज्य की भौगोलिक विशिष्टता, प्राकृतिक सुंदरता और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि हिमालय केवल एक पर्वत श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत की जीवन रेखा है, जो करोड़ों लोगों को शुद्ध जल, आजीविका और जलवायु संतुलन प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण को संरक्षित करने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत विकास के लिए लगातार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
हिमालय संरक्षण का महत्व और चुनौतियां
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में पर्यावरण की रक्षा करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटना एक बड़ी प्राथमिकता है। ग्लोबल वार्मिंग, ग्लेशियरों के पिघलने, वनों की कटाई और अत्यधिक पर्यटन जैसी समस्याएं आज हिमालयी क्षेत्रों के सामने गंभीर चुनौतियां बनकर खड़ी हैं। मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में इन तमाम चिंताओं को ध्यान में रखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक संसाधनों का संभलकर उपयोग करें और पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण को बचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने राज्य के युवाओं और हर वर्ग के लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक धरोहर को सहेजने के लिए आगे आएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।
पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य वनीकरण को बढ़ावा देना और प्लास्टिक मुक्त पहाड़ी क्षेत्रों का निर्माण करना है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के ऐसे अवसर पैदा किए जा रहे हैं जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना आजीविका को भी समर्थन देते हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का मेल करके ही हम हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर सकते हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस दिन विशेष जागरूकता कार्यक्रमों, वृक्षारोपण अभियानों और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है, जिनमें पर्यावरणविद्, छात्र और आम नागरिक बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
भविष्य की नीतियां और जनभागीदारी
आने वाले दिनों में उत्तराखंड सरकार पर्यावरण संरक्षण को अपनी नीतियों के केंद्र में रखने के लिए कई नए कदम उठाने की योजना बना रही है। आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे का विकास करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है ताकि प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री धामी ने अंत में प्रदेशवासियों से अपील की कि वे एकजुट होकर हिमालय के संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि बिना जनसहयोग के कोई भी सरकारी अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता, इसलिए हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे और पर्यावरण रक्षा के इस महाअभियान में अपना पूर्ण योगदान दे।