कांवड़ यात्रा के बीच दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम: पुलिस ने जारी की सख्त रूट एडवाइजरी
पवित्र कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और आसपास के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। इस स्थिति से निपटने और आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस ने संयुक्त रूप से एक नई और विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।
भारी वाहनों पर प्रतिबंध और डायवर्जन सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:
भारी व्यावसायिक वाहनों पर रोक: गाजियाबाद और दिल्ली की सीमाओं से प्रवेश करने वाले सभी भारी कॉमर्शियल वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग: मुख्य मार्गों पर जाम से बचने के लिए भारी वाहनों को शहर के बाहर-बाहर अन्य वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जा रहा है।
ड्रोन कैमरों से सुरक्षा और ट्रैफिक की निगरानी सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील चौराहों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गाजियाबाद पुलिस अत्याधुनिक तकनीक की मदद ले रही है। गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर और एक्सप्रेसवे के प्रमुख पॉइंट्स पर ड्रोन कैमरों से लगातार हवाई निगरानी की जा रही है। इससे ट्रैफिक के दबाव का तुरंत पता लगाकर मौके पर तैनात पुलिस बल को तुरंत अलर्ट किया जा रहा है।
यात्रियों और वाहन चालकों के लिए मुख्य निर्देश ट्रैफिक पुलिस ने लंबी दूरी की यात्रा करने वाले आम चालकों के लिए विशेष सुझाव जारी किए हैं:
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग: दिल्ली से मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार की ओर जाने वाले यात्रियों से अपील की गई है कि वे शहर के अंदरूनी मार्गों और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के बजाय ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) का उपयोग करें।
असुविधा से बचाव: कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति या देरी से बचने के लिए यात्री अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और जीपीएस व आधिकारिक अपडेट्स देखकर ही रवाना हों।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील की है ताकि कांवड़ यात्रा भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके और यात्रियों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।