मेरठ शहर के घनी आबादी वाले पुरानी कचहरी और कमिश्नरी चौराहा क्षेत्र में लंबे समय से बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या एक नासूर बनती जा रही थी। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछले कई हफ्तों से एक विशेष योजना पर काम किया था। आज रविवार की सुबह स्थानीय विधायक और महापौर की उपस्थिति में इस नई मास्टर ड्रेनेज लाइन परियोजना का भूमि पूजन किया गया और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना पर लगभग बारह करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे आगामी तीन महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आने वाले मानसून सत्र में लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
परियोजना की तकनीकी विशेषताएं और निर्माण कार्य
इस नई ड्रेनेज लाइन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे आधुनिक प्री-कास्ट कंक्रीट स्लैब और अंडरग्राउंड पाइपलाइन तकनीक के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। इसके निर्माण से पहले इलाके के सभी पुराने और संकरे नालों का गहराई से सर्वे किया गया था ताकि पानी के प्राकृतिक ढलान का सही आकलन किया जा सके। निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करके वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किए गए हैं। स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि वर्षों पुरानी इस विकट समस्या से अब उन्हें आखिरकार मुक्ति मिल जाएगी और व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
निरीक्षण और निगरानी समिति का गठन
परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने एक विशेष तकनीकी निगरानी समिति का गठन किया है जो प्रतिदिन निर्माण स्थल का निरीक्षण करेगी। इंजीनियरों की यह टीम सामग्री की गुणवत्ता से लेकर हर एक चरण के काम पर पैनी नजर रखेगी। स्थानीय पार्षदों को भी इस समिति में शामिल किया गया है ताकि जनता की किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान किया जा सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने वाले ठेकेदारों को विशेष प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। आज के इस शुभारंभ कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य नागरिक और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।