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मृदा स्वास्थ्य: बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र में किसानों के लिए विशेष मिट्टी परीक्षण अभियान शुरू

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड में आज कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता जांचने के लिए एक व्यापक विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 16:41
मृदा स्वास्थ्य: बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र में किसानों के लिए विशेष मिट्टी परीक्षण अभियान शुरू
मस्तूरी के ग्राम पंचायत भवन में आज आयोजित एक किसान गोष्ठी के दौरान मिट्टी परीक्षण अभियान की आधिकारिक शुरुआत की गई। कृषि विशेषज्ञों की विशेष टीमों को विभिन्न गांवों में भेजा गया है, जो किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने वैज्ञानिक तरीके से एकत्र कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना है ताकि वे जरूरत के हिसाब से ही रासायनिक खादों का प्रयोग करें। अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से बंजर होती जा रही जमीन को बचाने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संतुलित उर्वरक प्रयोग से घटेगी खेती की लागत

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को समझाया कि बिना जांच के खाद डालने से न केवल खेत की उपजाऊ शक्ति कम होती है, बल्कि किसानों की लागत भी अनावश्यक रूप से बढ़ती है। मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जब किसान सही मात्रा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का उपयोग करेंगे, तो फसलों की पैदावार में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इस दौरान वैज्ञानिकों ने जैविक खाद और वर्मीकंपोस्ट के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। किसानों को मौके पर ही उनके खेतों की मिट्टी की सेहत के बारे में प्राथमिक जानकारी दी गई और कार्ड तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई।

किसानों ने दिखाई बढ़-चढ़कर रुचि

अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराने के लिए बड़ी संख्या में किसान कतारों में खड़े नजर आए। इस पहल से किसानों में यह विश्वास जागा है कि वे वैज्ञानिक तरीकों अपनाकर अपनी आय को और अधिक बढ़ा सकते हैं। स्थानीय कृषि अधिकारियों ने बताया कि आने वाले एक महीने के भीतर मस्तूरी क्षेत्र के सभी गांवों के किसानों को उनके व्यक्तिगत सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित कर दिए जाएंगे।
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