झारखंड के रांची जिले के कांके और रातू प्रखंड के किसानों के लिए आज का दिन एक नई उम्मीद लेकर आया है। जिला कृषि विभाग और आत्मा (ATMA) परियोजना के सहयोग से आज एक विशेष जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग क्लस्टर) का गठन किया गया है। इस पहल के तहत क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से दूर ले जाकर वैज्ञानिक विधि से जैविक सब्जियां और फसलें उगाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आज आयोजित एक कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मिट्टी की जांच और जैविक खाद बनाने की विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष हाट की स्थापना
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए रांची शहर के भीतर एक विशेष किसान बाजार (ऑर्गेनिक हाट) स्थापित करने की घोषणा की गई है। इस हाट के माध्यम से किसान बिना किसी बिचौलिए के अपनी फसल सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकेंगे। जिला प्रशासन ने पैकेजिंग और ब्रांडिंग में भी किसानों की मदद करने का बीड़ा उठाया है ताकि उनके उत्पादों को बेहतर पहचान मिल सके। नाबार्ड और स्थानीय बैंकों के सहयोग से किसानों को रियायती दरों पर कृषि ऋण और सौर ऊर्जा आधारित पंप सेट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि सिंचाई की कोई समस्या न हो।
युवा किसानों का बढ़ रहा है रुझान
इस योजना से जुड़ने के लिए रांची के ग्रामीण इलाकों के युवा किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आधुनिक तकनीकों और ड्रिप इरिगेशन का उपयोग करके किसान कम पानी में भी अधिक पैदावार प्राप्त कर रहे हैं। जिला उपायुक्त ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पलायन को रोकना है। आने वाले महीनों में इस क्लस्टर का दायरा अन्य प्रखंडों तक भी बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसान इस लाभकारी योजना का लाभ उठा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।