राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के शहरी इलाकों में सुबह से हो रही झमाझम बारिश के कारण मुख्य सड़कों और अंडरपासों में भारी जलभराव देखने को मिला है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि कई महत्वपूर्ण मार्गों पर वाहनों की गति थम गई और लोगों को दफ्तर पहुंचने में घंटों की देरी का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की सूची जारी की है, लेकिन अधिकांश प्रमुख चौराहों पर जल निकासी के अभाव में स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी और परेशानी देखी जा रही है।
मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन पर उमड़ी भारी भीड़ सड़कों पर यातायात ठप होने के कारण आम जनता ने मेट्रो और लोकल ट्रेनों का रुख किया, जिसके चलते स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पैर रखने की भी जगह नहीं बची। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रेनों की फेरे बढ़ाए हैं, फिर भी अत्यधिक दबाव के कारण प्रबंधन को संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। बस सेवाओं के समय पर न पहुंचने के कारण बस स्टॉप पर भी यात्रियों का तांता लगा रहा, जिससे दैनिक यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्रशासनिक नाकामी और सुधारात्मक उपाय इस जलभराव की स्थिति ने नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन के मानसून पूर्व किए गए दावों की पोल खोल दी है, जिससे जनता और विपक्षी दलों में रोष व्याप्त है। मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के मंत्रियों ने आपात बैठक बुLाई है और नालों की सफाई तथा जल निकासी के कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं। पम्प सेट लगाकर पानी निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक बेहद जरूरी न हो, वे अपने घरों से बाहर न निकलें।