उत्तराखंड के नैनीताल जिले में आज 10 अगस्त 2026 को नगर पालिका, जल संस्थान और पर्यावरण प्रेमियों ने मिलकर नैनी झील में तेजी से फैल रही जलकुंभी और प्लास्टिक कचरे को हटाने के लिए एक महाअभियान की शुरुआत की। हाल ही में हुई बारिश के कारण झील के पानी में आए मलबे और कचरे को साफ करने के लिए विशेष मशीनों और नावों का उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस बात पर चिंता जताई कि झील के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए कड़े कदम उठाना अनिवार्य हो गया है, जिसके तहत आज से झील के आसपास कूड़ा फेंकने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान भी सख्ती से लागू कर दिया गया है।
इस अभियान में स्थानीय युवाओं, स्कूली छात्रों और सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बोट स्टैंड से लेकर मॉल रोड तक सफाई का संदेश दिया। अधिकारियों ने बताया कि झील के चारों ओर जल निकासी प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए भी एक नई मास्टर प्लान तैयार की जा रही है ताकि गंदा पानी सीधे झील में न जा सके। नैनीताल के होटल कारोबारियों और नाव चालकों ने भी इस अभियान का समर्थन करते हुए पर्यटकों से अपील की है कि वे सरोवर नगरी की पवित्रता बनाए रखने में अपना योगदान दें।
पर्यटन सत्र के मद्देनजर विशेष इंतजाम
आगामी सप्ताहांत और छुट्टियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शहर में कचरा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त डस्टबिन और मोबाइल स्वच्छता वैन तैनात करने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल की पहचान इस विश्व प्रसिद्ध झील के संरक्षण के लिए उठाए जा रहे इन ठोस कदमों से पर्यावरणविदों ने भी संतोष व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि यह झील आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखेगी।