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विरासत संरक्षण: रीवा के सिरमौर क्षेत्र में प्राचीन सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू

मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सिरमौर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन सूर्य मंदिर के संरक्षण तथा सौंदर्यीकरण का कार्य आज से आधिकारिक रूप से आरंभ हो गया है।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:15
विरासत संरक्षण: रीवा के सिरमौर क्षेत्र में प्राचीन सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत आने वाले सिरमौर अंचल में सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहाँ की रियासत कालीन वास्तुकला के बेजोड़ नमूने माने जाने वाले प्राचीन सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य आज सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक पूजा-पाठ के साथ शुरू हुआ। राज्य पुरातत्व विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से शुरू किए गए इस संरक्षण अभियान पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन के मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाना है। इस मंदिर की वास्तुकला दसवीं शताब्दी की मानी जाती है, जो कि लंबे समय से उचित रखरखाव के अभाव में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुकी थी। पत्थरों पर उकेरी गई प्राचीन कलाकृतियां और मूर्तियां अब मौसम की मार के कारण नष्ट होने की कगार पर थीं। पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों की देखरेख में पारंपरिक पत्थरों और विशेष मसालों का उपयोग करके मंदिर के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना उसकी मरम्मत का कार्य किया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुजारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए अत्यंत आवश्यक बताया है।

ऐतिहासिक महत्व और पर्यटन विकास

इस जीर्णोद्धार परियोजना के तहत मंदिर परिसर के आसपास पर्यटकों के लिए प्रकाश व्यवस्था, विश्राम कक्ष और एक छोटे संग्रहालय का निर्माण भी किया जाएगा, जहाँ इस क्षेत्र से प्राप्त अन्य प्राचीन अवशेषों को सुरक्षित रखा जा सके। कार्य के शुभारंभ अवसर पर आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण और इतिहास प्रेमी भारी संख्या में उपस्थित रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंदिर के पूरी तरह संवर जाने के बाद रीवा संभाग में धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से पर्यटक इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने के लिए आकर्षित होंगे।
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