पुतिन आ गए, कल पहुंचेंगे चिनफिंग... BRICS समिट में क्या-क्या होगा? मिनट-टू-मिनट पूरा शेड्यूल
भारत-रूस दोस्ती की नई दास्तां, BRICS समिट से पहले ही होने जा रही बड़ी डील; बदल जाएगी क्षेत्रीय विमानन की दुनिया?
BRICS रवाना होते ही ईरान ने ट्रंप को चिढ़ाया, भारत की तारीफ कर बोला- डॉलर पर...
CJP ने लुधियाना के 3 स्कूलों की गिनाई कमियां, केजरीवाल बोले, हम तुरंत...
'तुम लेकर आओ, हम अपनी पार्टी में…’, मायावती के भतीजे आकाश पर अखिलेश का बड़ा ऑफर
नेपाल में बाढ़ से तबाही, ₹45 हजार करोड़ लगेंगे: यह देश की GDP का 11%; बाढ़ से 16 लाख लोग प्रभावित, 1377 की ...
BRICS समिट पर कांग्रेस में मतभेद: चिदंबरम ने पूछा- देश को क्या मिला; थरूर बोले- 11 देश के नेताओं को एक मंच ...
चलती मुंबई लोकल से गिरी महिला, खचाखच भरी ट्रेन का वीडियो देख सुरक्षा उठे पर सवाल
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
मौसम में सुधार: हिमाचल प्रदेश में बारिश का प्रकोप घटने के बावजूद 63 सड़कें अभी भी बंद और भारी नुकसान
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम होने लगी है, लेकिन मानसून के कारण हुई तबाही के निशान अभी भी गहरे बने हुए हैं। राज्यभर में वर्तमान में भी दर्जनों रास्ते अवरुद्ध हैं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
A
Ankit Yadav
11 सित 2026, 13:56
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हालांकि बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय नागरिकों और प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है। इसके बावजूद, राज्य के कई हिस्सों में आपदा के गहरे जख्म अभी तक भरे नहीं हैं। लंबे समय तक चले भारी मानसूनी दौर के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका था, जिसके दुष्परिणाम अब भी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आधारभूत संरचना को भारी आघात पहुंचा है, जिसे ठीक करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
सड़कों के बंद होने से यातायात प्रभावित
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मौसम के तेवर नरम पड़ने के बाद भी अभी तक कुल 63 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। कई महत्वपूर्ण मार्ग मलबे और भूस्खलन की चपेट में आने के कारण अवरुद्ध हैं, जिन्हें खोलने के लिए भारी मशीनरी और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। रास्तों के बंद होने के कारण बागवानों और किसानों को अपनी फसलें समय पर मंडियों तक पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन लगातार मलबा हटाने और संपर्क मार्गों को बहाल करने के कार्यों में जुटा हुआ है ताकि आम जनता को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।
अरबों का नुकसान और जनहानि का आंकड़ा
इस मानसूनी सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश को आर्थिक मोर्चे पर भी भारी क्षति उठानी पड़ी है। शुरुआती आकलन के अनुसार, बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को लगभग 1550 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो चुका है। सरकारी संपत्तियों, सड़कों, पुलों, बिजली के खंभों और निजी मकानों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई करने में लंबा समय लग सकता है। इसके अलावा, इस आपदा ने मानवीय दृष्टिकोण से भी भारी कीमत वसूली है। विभिन्न दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आने से पूरे राज्य में अब तक कुल 286 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सरकार और प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आपदा प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में यदि मौसम साफ रहता है, तो सड़क बहाली के कार्यों में तेजी आएगी और स्थिति में और अधिक सुधार होने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को अभी भी सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।