कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
पुतिन आ गए, कल पहुंचेंगे चिनफिंग... BRICS समिट में क्या-क्या होगा? मिनट-टू-मिनट पूरा शेड्यूल      भारत-रूस दोस्ती की नई दास्तां, BRICS समिट से पहले ही होने जा रही बड़ी डील; बदल जाएगी क्षेत्रीय विमानन की दुनिया?      BRICS रवाना होते ही ईरान ने ट्रंप को चिढ़ाया, भारत की तारीफ कर बोला- डॉलर पर...      CJP ने लुधियाना के 3 स्कूलों की गिनाई कमियां, केजरीवाल बोले, हम तुरंत...      'तुम लेकर आओ, हम अपनी पार्टी में…’, मायावती के भतीजे आकाश पर अखिलेश का बड़ा ऑफर      नेपाल में बाढ़ से तबाही, ₹45 हजार करोड़ लगेंगे: यह देश की GDP का 11%; बाढ़ से 16 लाख लोग प्रभावित, 1377 की ...      BRICS समिट पर कांग्रेस में मतभेद: चिदंबरम ने पूछा- देश को क्या मिला; थरूर बोले- 11 देश के नेताओं को एक मंच ...      चलती मुंबई लोकल से गिरी महिला, खचाखच भरी ट्रेन का वीडियो देख सुरक्षा उठे पर सवाल     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
मौसम

मौसम में सुधार: हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही के बाद भी 63 सड़कें अब भी बंद और 286 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में हालांकि अब मौसम के तेवर नरम पड़ गए हैं और बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, लेकिन प्रकृति के इस कहर के निशान अभी भी पूरी तरह से मिट नहीं पाए हैं। राज्य में मानसून के दौरान हुए भारी नुकसान के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं।

A
Ankit Yadav
11 सित 2026, 14:26
मौसम में सुधार: हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही के बाद भी 63 सड़कें अब भी बंद और 286 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और उससे उपजे हालातों ने पर्वतीय क्षेत्र की रीढ़ तोड़ कर रख दी थी। हालांकि मौजूदा समय में बादलों की सक्रियता कम हुई है और बारिश का प्रकोप धीमा पड़ चुका है, फिर भी जनजीवन पूरी तरह से सामान्य होने में काफी वक्त लगने की उम्मीद है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे मानसूनी सीजन के दौरान राज्य को कुल मिलाकर करीब 1550 करोड़ रुपये का भारी-भरकम आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सरकारी संपत्तियों, सड़कों, पुलों और स्थानीय निवासियों के बुनियादी ढांचे को जो क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। इसके साथ ही इस कुदरती आफतों के दौर में अब तक कुल 286 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जिसने पूरे प्रदेश को गहरे शोक में डुबो दिया है।

सड़क संपर्क बहाल करने में आ रही मुश्किलें

भले ही आसमान साफ होने लगा है और धूप खिलने से राहत महसूस की जा रही है, परंतु धरातल पर चुनौतियां अभी भी मुंह बाएं खड़ी हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और पहाड़ी से मलबा गिरने की वजह से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। वर्तमान स्थिति यह है कि राज्यभर में अभी भी कुल 63 महत्वपूर्ण सड़कें पूरी तरह से बंद पड़ी हुई हैं। इन मार्गों के अवरुद्ध होने के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, बागवानी उत्पादों की ढुलाई और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग और संबंधित प्रशासनिक अमला युद्धस्तर पर बहाली के कार्यों में जुटा हुआ है ताकि जल्द से जल्द सभी रास्तों को यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिन इलाकों में संपर्क मार्ग पूरी तरह से कट गए थे, वहां वैकल्पिक रास्तों के जरिए जरूरी मदद पहुंचाई जा रही है। उत्तर भारत के इस प्रमुख पर्वतीय राज्य में पर्यटन और कृषि आधारित आर्थिकी पर भी इस प्राकृतिक आपदा का गहरा असर पड़ा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत और पुनर्निर्माण के काम में गति लाई जाएगी ताकि आम जनता को राहत मिल सके। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता राशि देने के साथ-साथ बुनियादी सेवाओं को सुचारू रूप से पटरी पर लाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज