कंटाप
NEWS
मंगलवार, 1 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल बाढ़ संकट: इस इलाके में शवों की पहचान क्यों मुश्किल- ग्राउंड रिपोर्ट      पाकिस्तान ने SCO समिट की तस्वीर से मोदी को हटाया: उनके साथ खड़े ईरानी राष्ट्रपति को भी नहीं दिखाया, X पर एडि...      सिंधु जल संधि पर परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन का पाकिस्तान के पक्ष में फ़ैसला, भारत पर क्या असर?      शी जिनपिंग, पुतिन और पीएम मोदी... ऐसे गर्मजोशी से मिले दिग्गज      इंडिया गेट वाले प्रोटेस्ट मार्च से पहले ही डिमांड पूरी करने चली सरकार, खुश हुई CJP      सोना खरीदने से बचें, नई रील में पीएम मोदी ने फिर की अपील; क्या बताई वजह      दिल्ली वालों को महंगे प्याज से मिलेगी राहत, 35 रूपये की दर से होगी बिक्री      '50 कि.मी. तक चलती बस में हैवानियत': नाबालिग के साथ गैंगरेप के आरोप में दिल्ली पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ़्तार     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

जल मंथन: देश भर के जल संसाधन मंत्री और सचिव दिल्ली में होंगे एकत्र, पीएम मोदी कल समापन सत्र को करेंगे संबोधित

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में देश भर के जल संसाधन मंत्री और उच्चाधिकारी दो दिवसीय विशेष मंथन के लिए जुट रहे हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समापन सत्र को अपना संबोधन देंगे।

A
Ankit Yadav
01 सित 2026, 16:35
जल मंथन: देश भर के जल संसाधन मंत्री और सचिव दिल्ली में होंगे एकत्र, पीएम मोदी कल समापन सत्र को करेंगे संबोधित
देश की राजधानी दिल्ली में आज से एक महत्वपूर्ण और व्यापक उच्चस्तरीय दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश भर के विभिन्न राज्यों के जल संसाधन मंत्री और मंत्रालयों के वरिष्ठ सचिवों की भारी मौजूदगी देखने को मिलेगी। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश में पानी से जुड़ी गंभीर चुनौतियों, जल संरक्षण की नई रणनीतियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श करना है। पिछले कुछ वर्षों में भारत के सामने भूजल स्तर में गिरावट और जल प्रबंधन की बढ़ती जरूरतें एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरी हैं, जिन पर इस बैठक के दौरान गहन चर्चा होने की पूरी संभावना है।

जल सुरक्षा और भविष्य की रणनीतियां

राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए इस प्रकार के आयोजनों को बेहद अहम माना जाता है। सम्मेलन के पहले दिन विभिन्न सत्रों में अधिकारी अपने-अपने राज्यों के जल प्रबंधन मॉडल साझा करेंगे और आने वाले समय में जल संकट से निपटने के उपायों की रूपरेखा तैयार करेंगे। इस दो दिवसीय मंथन का समापन कल बेहद खास अंदाज में होगा, जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री कल इस महत्वपूर्ण सत्र के समापन समारोह के दौरान देशभर से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे और जल सुरक्षा को लेकर देश के विजन को साझा करेंगे। सरकार द्वारा देश के हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे में इस बैठक के दौरान इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि अपने यहां आ रही समस्याओं को केंद्रीय मंत्रियों के सामने रखेंगे, ताकि नीतिगत स्तर पर उनका त्वरित समाधान निकाला जा सके। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले कई तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जल संचयन, नदी जोड़ो अभियानों और आधुनिक सिंचाई तकनीकों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतीकरण दिए जाएंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दो दिवसीय विचार-मंथन के बाद देश में जल प्रबंधन को लेकर कुछ नई गाइडलाइन या नीतियां सामने आ सकती हैं। देश के सभी प्रमुख नीति निर्माताओं का एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार जल संकट को लेकर कितनी गंभीर है और वह आने वाली पीढ़ियों के लिए इस प्राकृतिक संसाधन को सुरक्षित रखने के वास्ते कितनी प्रतिबद्ध है। कल होने वाले समापन सत्र के बाद एक विस्तृत कार्ययोजना जारी किए जाने की भी संभावना है, जिस पर सभी राज्य मिलकर काम करेंगे।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज