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कलम के जरिए छात्राओं ने उठाई राजनीति में आधी आबादी की हिस्सेदारी की आवाज

नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम’ पर निबंध प्रतियोगिता में 100 से अधिक छात्राओं ने दिखाई भागीदारी, 1 सितंबर को मिलेगा सम्मान

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Administrator
31 अग 2026, 22:52
कलम के जरिए छात्राओं ने उठाई राजनीति में आधी आबादी की हिस्सेदारी की आवाज

Lucknow Desk : महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका को लेकर छात्राओं ने अपनी कलम के जरिए बेबाक विचार सामने रखे। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ और पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त आयोजन में सोमवार को निबंध प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता का विषय ‘नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम’ रखा गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। छात्राओं ने अपने निबंधों में महिलाओं के राजनीतिक अधिकार, निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी, सामाजिक बाधाओं और राजनीति में समान अवसर जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

इसके साथ ही नारी वंदन अधिनियम के संभावित प्रभाव और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए। लेखन से आगे सामाजिक सरोकारों की समझ आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं की लेखन प्रतिभा को मंच देने के साथ उन्हें समकालीन सामाजिक और राजनीतिक विषयों के प्रति जागरूक करना भी था। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को महिला सशक्तीकरण, लोकतंत्र और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे विषयों पर स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी बात रखने का अवसर मिला। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने छात्राओं को कॉपी और पेन वितरित कर प्रतियोगिता की शुरुआत कराई।

छात्राओं ने निर्धारित विषय पर अपने विचार निबंध के रूप में प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को अब सम्मानित किया जाएगा। भाषा विभाग के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। वहीं, प्रतियोगिता में शामिल सभी छात्राओं को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। पुरस्कार और प्रमाणपत्र वितरण समारोह 1 सितंबर को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं को सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करने और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

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