Lucknow Desk : सहारनपुर की एक मस्जिद से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के हालिया निर्देश का मौलाना खालिद रशीद ने स्वागत किया है। उन्होंने मस्जिद पर लगाए गए जुर्माने पर रोक लगाए जाने के फैसले को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मौलाना खालिद रशीद ने उम्मीद जताई कि इस मामले में आगे भी निष्पक्ष तरीके से सुनवाई होगी और जल्द ही मस्जिद के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ होगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में कानून और न्यायिक प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों को देश के कानून के तहत संरक्षण प्राप्त है और ऐसे मामलों में सभी पक्षों के अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
मौलाना खालिद रशीद ने अपने बयान में Places of Worship Act और वक्फ कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के तहत धार्मिक स्थलों और वक्फ संपत्तियों से जुड़े अधिकारों को कानूनी संरक्षण दिया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि सहारनपुर मस्जिद मामले में भी कानून के मुताबिक उचित फैसला सामने आएगा। उन्होंने हाईकोर्ट के निर्देश को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे संबंधित लोगों को न्याय की उम्मीद बंधी है।
उन्होंने कहा कि मस्जिद के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ मामले का शांतिपूर्ण और कानूनी समाधान होना जरूरी है। मौलाना खालिद रशीद ने भरोसा जताया कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से इस मामले का समाधान निकलेगा और मस्जिद के पुनर्निर्माण का काम जल्द शुरू हो सकेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि कानून अपना काम करेगा और अंततः न्याय की जीत होगी। उन्होंने कहा, “इंशाअल्लाह, न्याय की जीत होगी और सहारनपुर मस्जिद के पुनर्निर्माण का रास्ता जल्द साफ होगा। ”