कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में आई बाढ़ से भारत को क्यों चिंता होनी चाहिए?      CJP Protest LIVE : दिल्ली पुलिस ने मानी कॉकरोचों की मांग, FIR में SC-ST एक्ट जोड़ा; 307 पर क्या बोली      असीम मुनीर Vs जरदारी की जंग तेज, बिलावल की शादी का बहाना लेकर लंदन भागे पाकिस्‍तानी राष्‍ट्रपति, सिंध पर बवाल      इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रचा ये इतिहास, पीएम मोदी ने दी बधाई      चीन की 'आंखों का मर गया पानी', शशि थरूर ने लिखा, भारत-नेपाल के साथ लेनदेन वाला रवैया रखता है बीजिंग      निशांत कुमार को माला पहनाते ही बड़ा कांड! JDU नेता के गले से 7 लाख की चेन ले उड़े चोर      नशे में था फुकेट-दिल्ली फ्लाइट का पायलट, फिर भी रद्द नहीं होगा लाइसेंस! नियम क्या कहते हैं?      आज का मौसम 4 सितंबर: अगले 9 घंटे में 20 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, 72 की स्पीड से हवा; IMD अपडेट जारी     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

स्वास्थ्य सेवाओं पर हंगामा: कांग्रेस ने सीएमओ कार्यालय के बाहर किया कड़ा प्रदर्शन

उत्तराखंड में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और लचर चिकित्सा सुविधाओं के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

A
Ankit Yadav
04 सित 2026, 15:36
स्वास्थ्य सेवाओं पर हंगामा: कांग्रेस ने सीएमओ कार्यालय के बाहर किया कड़ा प्रदर्शन
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति को लेकर कांग्रेस पार्टी का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में एकत्र हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी सीएमओ कार्यालय का घेराव किया और वहां पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना था कि आम जनता को अस्पतालों में बुनियादी चिकित्सीय सुविधाएं तक मय्यड़ नहीं हो पा रही हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान पूरा प्रशासनिक परिसर राजनीतिक नारों और सरकार विरोधी गूंज से गूंज उठा, जिससे स्थानीय प्रशासन में भी खलबली मच गई।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी, जरूरी दवाओं का टोटा और जांच उपकरणों के खराब पड़े होने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों में सरकारी स्वास्थ्य ढांचे की रीढ़ टूट चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस पर पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठे हैं। उनका यह भी कहना था कि आपातकालीन परिस्थितियों में गरीब मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिसके कारण कई बार उनकी जान तक जोखिम में पड़ जाती है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं लाया गया तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। दूसरी ओर, इस विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सीएमओ कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस बल को तैनात किया गया था ताकि प्रदर्शनकारी कार्यालय के भीतर जबरन प्रवेश न कर सकें। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा और कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी प्रमुख मांगें रखीं। इन मांगों में अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की शत-प्रतिशत तैनाती सुनिश्चित करना, एम्बुलेंस सेवाओं को दुरुस्त करना और सभी जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराना प्रमुख रूप से शामिल था। प्रशासनिक अधिकारियों ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने का आश्वासन दिया है और समस्याओं के यथासंभव समाधान का भरोसा दिलाया है। लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे केवल मौखिक आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होने वाले हैं और ज़मीनी स्तर पर बदलाव देखना चाहते हैं। आने वाले दिनों में यदि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो राजनीतिक दलों और स्थानीय जनता द्वारा बड़े पैमाने पर राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज