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बड़ी लापरवाही: टूटी चारदीवारी के बीच आवारा पशुओं संग अभ्यास करने को मजबूर हैं खिलाड़ी

खेल मैदान की जर्जर होती चारदीवारी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। हालात यह हैं कि खेल प्रेमियों और उभरते खिलाड़ियों को आवारा जानवरों के बीच अपनी प्रैक्टिस जारी रखने पर विवश होना पड़ रहा है।

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Ankit Yadav
25 अग 2026, 16:48
बड़ी लापरवाही: टूटी चारदीवारी के बीच आवारा पशुओं संग अभ्यास करने को मजबूर हैं खिलाड़ी
देश के विभिन्न स्थानीय खेल परिसरों और मिनी स्टेडियमों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव लगातार खिलाड़ियों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। ताजा मामलों में एक स्थानीय मिनी स्टेडियम की सुरक्षा दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके कारण मैदान के भीतर आवारा पशुओं का बेरोक-टोक आना-जाना लगा रहता है। इस गंभीर स्थिति के चलते वहां पसीना बहाने आने वाले युवा और स्थानीय खिलाड़ी काफी ज्यादा परेशान हैं। खेल सुविधाओं की बदहाली से न सिर्फ उनके नियमित अभ्यास में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि हर समय किसी अनहोनी या दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी और खिलाड़ियों की मुश्किलें

मैदान के चारों तरफ सुरक्षा दीवार का टूटा होना प्रशासनिक लापरवाही को सीधे तौर पर उजागर करता है। जब युवा खिलाड़ी अपने खेल कौशल को निखारने के लिए मैदान पर पहुंचते हैं, तो उन्हें अक्सर आवारा मवेशियों के बीच ही अपनी ट्रेनिंग करनी पड़ती है। कई बार ये जानवर अचानक अभ्यास सत्र के बीच आ जाते हैं, जिससे खिलाड़ियों का ध्यान भटकता है और चोट लगने की आशंका भी कई गुना बढ़ जाती है। खेल प्रेमियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार अपनी आवाज उठाई है, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है और कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला है।

प्रशासनिक उदासीनता और भविष्य की चिंताएं

स्थानीय खेल प्रेमियों और अभिभावकों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि खेल को बढ़ावा देने के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर बुनियादी ढांचा बदहाल स्थिति में है। एक तरफ जहां सरकार और खेल विभाग फिट इंडिया और युवाओं को आगे बढ़ाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ मैदानों की यह बदहाली दावों की पोल खोलती नजर आती है। यदि समय रहते इस टूटी हुई चारदीवारी की मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

सुधार की उम्मीद और आगे की कार्रवाई

अब देखना यह होगा कि इस मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस दिशा में क्या कदम उठाते हैं। खिलाड़ियों और उनके कोचों ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्टेडियम की घेराबंदी मजबूत की जाए ताकि वे बिना किसी भय और बाधा के अपना अभ्यास जारी रख सकें। खेल जगत से जुड़े लोग उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेंगे और अविलंब उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
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