मेरठ के इस प्रतिष्ठित आयोजन में खेल उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहराई से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सेमिनार रहा, जहां देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने खेल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और स्थानीय निर्माण उद्योग को मजबूती प्रदान करने की दिशा में अपने महत्वपूर्ण सुझाव और विचार साझा किए।
सेमिनार के दौरान स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेल के सामान के उत्पादन में न केवल गुणवत्ता और तेजी लाई जा सकती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। यह तकनीक क्रिकेट, हॉकी और बैडमिंटन जैसे लोकप्रिय खेलों के लिए उच्च कोटि के उपकरण बनाने में बेहद मददगार साबित होगी।
इस तरह के वैश्विक आयोजनों से स्थानीय निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों को समझने और उन्नत तकनीकों को अपनाने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई कि पारंपरिक तरीकों के साथ स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग का यह तालमेल भारत के खेल उद्योग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा और घरेलू निर्माताओं को वैश्विक पहचान दिलाएगा।