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खेल बजट का नया ऐलान: पांच साल में सैंतीस हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रदर्शन सुधारने के लिए सरकार ने एक बड़ा वित्तीय कदम उठाया है। अगले पांच वर्षों के दौरान खेल गतिविधियों और बुनियादी ढांचे पर भारी-भरकम राशि खर्च करने की योजना बनाई गई है जिसका मुख्य उद्देश्य भविष्य के ओलिंपिक खेलों में देश को सर्वोच्च पायदान पर पहुंचाना है।

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Ankit Yadav
21 अग 2026, 17:34
खेल बजट का नया ऐलान: पांच साल में सैंतीस हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
देश के खेल जगत को एक नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने आगामी पांच वर्षों में खेलों के विकास हेतु छत्तीस हजार चार सौ इकतालीस करोड़ रुपये (₹36,441 करोड़) के भारी-भरकम बजट आवंटन का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत देश के विभिन्न हिस्सों में खेल अकादमियों, अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों और एथलीटों के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि जमीनी स्तर से लेकर उच्च स्तर तक प्रतिभाओं को तलाशा और संवारा जा सके। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत देश के अन्य प्रमुख खेल केंद्रों में भी इस योजना के तहत खेल ढांचे के सुदृढ़ीकरण की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

ओलिंपिक में शीर्ष प्रदर्शन का बड़ा लक्ष्य

इस दीर्घकालिक और सुनियोजित रणनीति के माध्यम से सरकार ने आने वाले समय के लिए बेहद कड़े और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित किए हैं। आधिकारिक रूप से साझा की गई रूपरेखा के अनुसार, देश का लक्ष्य वर्ष 2036 के ओलिंपिक खेलों में पदक तालिका के शीर्ष-10 देशों में अपनी जगह पक्की करना है। इसके साथ ही, इससे भी आगे की छलांग लगाते हुए वर्ष 2048 तक भारत को दुनिया के शीर्ष-5 सर्वश्रेष्ठ खेल देशों में शामिल करने का स्पष्ट टारगेट रखा गया है। इस प्रकार के बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग, अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय खेल विज्ञान का समर्थन देने की बात कही जा रही है। खेल मंत्रालय और संबंधित प्रशासनिक महकमे इस पूरी वित्तीय योजना के क्रियान्वयन पर बेहद बारीकी से नजर रखेंगे ताकि धन का सदुपयोग सही दिशा में हो सके। पिछले कुछ वर्षों में देश के खिलाड़ियों ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं जैसे राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन करके अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। इसी प्रदर्शन से प्रेरणा लेते हुए सरकार अब खेल बजट में और अधिक वृद्धि कर रही है ताकि किसी भी प्रतिभाशाली युवा को पैसों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े। खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स मेडिसिन और आधुनिक उपकरणों पर भी इस बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च किए जाने की संभावना है। खेल प्रेमियों, विशेषज्ञों और विभिन्न संघों ने सरकार के इस बड़े कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि इस बजट का सही और समयबद्ध उपयोग किया गया, तो भारत निश्चित रूप से ओलिंपिक मंच पर एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगा। आने वाले महीनों में इस योजना के तहत जमीनी स्तर पर कार्य शुरू होने की उम्मीद है, जिससे देश भर के एथलीटों में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
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