मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में जारी भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज ने खेल के हर प्रारूप को पीछे छोड़ते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी पारी में 18 छक्के और 15 चौके जड़े, जिससे दर्शकों का उत्साह देखने लायक था। इस पारी ने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि विश्व क्रिकेट में भी नए कीर्तिमान स्थापित किए। कप्तान ने भी उनकी सराहना करते हुए कहा कि यह खिलाड़ी आने वाले समय में विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा नाम बनने की क्षमता रखता है।
रिकॉर्ड की बारीकियां इस ऐतिहासिक पारी के दौरान उन्होंने मात्र 118 गेंदों का सामना किया, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज दोहरा शतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ी के नाम था। बल्लेबाज ने मैच के बाद कहा कि उनका लक्ष्य केवल गेंद पर ध्यान केंद्रित करना था और पिच की परिस्थिति उनके अनुकूल थी। कोच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले कई महीनों से वे नेट्स में इसी तरह की आक्रामक बल्लेबाजी का अभ्यास कर रहे थे।
आगे की चुनौतियां इस जीत के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है और सीरीज के अगले मैच के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। विपक्षी टीम के गेंदबाजों ने भी स्वीकार किया कि आज उनका दिन नहीं था और भारतीय बल्लेबाज के पास उनकी हर गेंद का सही जवाब था। दर्शकों की भारी भीड़ ने इस यादगार पारी का भरपूर आनंद लिया और सोशल मीडिया पर भी यह प्रदर्शन ट्रेंडिंग टॉपिक्स में रहा। क्रिकेट प्रशंसक अब उम्मीद कर रहे हैं कि यह खिलाड़ी विश्व कप में भी इसी तरह का फॉर्म बरकरार रखेगा।