कंटाप
NEWS
शनिवार, 5 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
यूपी के सहारनपुर में मस्जिद गिराने का पूरा मामला जानिए, विपक्ष के नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का आरोप      चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में अपनाया कड़ा रुख़, जानिए कौन हैं निशु आज़ाद      भारतीय सेना को बड़ी सफलता, जम्मू-कश्मीर में लश्कर का पाकिस्तानी कमांडर ढेर      सुदर्शन चक्र को मिलेगी नई धार, जिसके डर से थर-थर कांपते हैं चीन-पाकिस्‍तान, उसी S-400 को लेकर आई गुड न्‍यूज...      सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान को एक और मार, लद्दाख में बिना सिमेंट-कंक्रीट बना दिया पत्थरों का बांध      नेपाल बाढ़: सुरंग में नौ दिनों तक फंसे शख़्स के ज़िंदा निकलने के बाद पिता ने क्या कहा?      मोदी ने पूछा- पब्लिक से कैसे बात करें, टिप्स दें: महिला टीचर का जवाब- कॉन्फिडेंस चाहिए; पीएम की राष्ट्रीय प...      कल का मौसम 6 सितंबर: 15 घंटे के भीतर 24 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 80 की स्पीड से हवा; IMD का अपडेट     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
खेल

मैदान में जलभराव: छतोह का खेल मैदान जलमग्न होने से खिलाड़ियों की तैयारी पर असर

छतोह के मुख्य खेल मैदान में भारी जलभराव के कारण स्थानीय खिलाड़ियों और बच्चों का अभ्यास पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे उनकी आगामी खेल तैयारियों को बड़ा झटका लगा है।

A
Ankit Yadav
05 सित 2026, 10:34
मैदान में जलभराव: छतोह का खेल मैदान जलमग्न होने से खिलाड़ियों की तैयारी पर असर
उत्तर प्रदेश के खेल जगत और स्थानीय युवाओं के लिए एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आ रही है। छतोह क्षेत्र का मुख्य खेल मैदान इन दिनों पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है, जिससे वहां आने वाले छोटे बच्चों और उभरते हुए खिलाड़ियों की रोजाना की प्रैक्टिस पर सीधा असर पड़ा है। मानसून और हालिया बारिश के चलते मैदान में पानी इस कदर भर गया है कि किसी भी प्रकार की खेल गतिविधि का संचालन करना असंभव सा हो गया है। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों के अनुसार, जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या हर साल बरसात के मौसम में विकराल रूप धारण कर लेती है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर क्षेत्र के उन नौनिहालों को भुगतना पड़ता है जो खेल के मैदान में पसीना बहाकर अपने भविष्य को संवारने का सपना देखते हैं।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

इस स्थिति के कारण बच्चों के दैनिक अभ्यास का पूरा शेड्यूल गड़बड़ा गया है। सुबह और शाम के वक्त मैदान में दौड़ लगाने, फुटबॉल, क्रिकेट या अन्य आउटडोर खेलों का अभ्यास करने वाले बच्चे अब मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर हैं। खेल मैदान की यह बदहाली न केवल खिलाड़ियों की फिटनेस को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक विकास की गति को भी धीमा कर रही है। खेल जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो स्थानीय प्रतिभाएं पीछे छूट जाएंगी। मैदान में जमा हुआ गंदा पानी और कीचड़ न केवल अभ्यास में बाधा बन रहा है, बल्कि इससे संक्रामक बीमारियों फैलने का खतरा भी लगातार मंडरा रहा है, जिससे अभिभावक भी खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस गंभीर समस्या को लेकर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों और खेल प्रेमियों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों को इस मैदान की दुर्दशा के बारे में अवगत करा चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा है। मैदान के चारों तरफ जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण न होना इस जलभराव की सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है। यदि जरा सी भी बारिश हो जाए, तो पानी कई दिनों तक मैदान के अंदर ही कैद रहता है, जिससे जमीन दलदली हो जाती है और खेलने लायक बिल्कुल नहीं बचती। आगामी खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे युवा खिलाड़ियों का भविष्य इस समय अधर में लटका हुआ है। जब तक मैदान से पानी को पूरी तरह बाहर निकालकर उसकी समतलीकरण और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक अभ्यास शुरू होना नामुमकिन है। स्थानीय युवाओं और खेल संघों ने जिला प्रशासन से जोरदार मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाए और युद्ध स्तर पर जल निकासी का काम शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों के सपनों को टूटने से बचाया जा सके और वे फिर से अपनी खेल यात्रा को निरंतर जारी रख सकें।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज