मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र के सलावा गांव में बन रहे उत्तर प्रदेश के पहले राज्य खेल विश्वविद्यालय के निर्माण ने अपनी गति तेज कर दी है। आज सुबह खेल निदेशक और निर्माणदायी संस्था के इंजीनियरों ने साइट पर पहुंचकर चल रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभावान युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, अत्याधुनिक कोचिंग और आधुनिक खेल विज्ञान प्रयोगशालाएं उपलब्ध कराना है ताकि वे ओलंपिक और एशियाई खेलों में देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीत सकें। अधिकारियों ने बताया कि हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, कुश्ती और शूटिंग जैसे प्रमुख खेलों के लिए विश्वस्तरीय मैदानों और इंडोर स्टेडियमों का ढांचा लगभग तैयार हो चुका है।
आधुनिक खेल विज्ञान और रिहैबिलिटेशन सेंटर
इस खेल विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। इसके माध्यम से खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की नियमित जांच, चोट लगने पर तुरंत पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) और उनकी डाइट तथा फिटनेस का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलने से ग्रामीण अंचल की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को निखरने का एक शानदार मंच मिलेगा और उन्हें महानगरों या विदेश जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
युवा खिलाड़ियों और कोचों में भारी उत्साह
मेरठ और आसपास के जिलों के युवा खिलाड़ियों तथा खेल प्रेमियों में इस यूनिवर्सिटी के जल्द शुरू होने की खबर से भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय खेल अकादमियों के कोचों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा खेल हब बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। प्रशासन ने घोषणा की है कि विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया और पाठ्यक्रम का प्रारूप अगले महीने तक अंतिम रूप से जारी कर दिया जाएगा, जिससे सत्र समय पर शुरू हो सके।