कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल पुलिस का अलर्ट - तिब्बत की तरफ़ बना डैम टूटा, लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      धोखाधड़ी, उत्पीड़न और फिर मर्डर; दिल्ली की मॉडल हत्या मामले में 'जहरीले रिश्ते' का खुलासा      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      आज लोकसभा चुनाव हुए तो BJP को मिलेंगी कितनी सीटें, इंडिया गठबंधन में शामिल दलों का कैसा हाल, C-वोटर का आया सर्वे      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली आ गई 'कांदा एक्सप्रेस', 60-70 रुपये वाला प्याज अब 35 रुपये किलो, जानिए कहां मिलेगा?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
खेल

स्टेडियमों की बदहाली: गढ़वा में करोड़ों खर्च के बावजूद खेल सुविधाएं बेकार, अब नए स्टेडियम की तैयारी

झारखंड के गढ़वा जिले में खेल बुनियादी ढांचे की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। यहां पहले से मौजूद चार स्टेडियमों पर भारी-भरकम राशि खर्च किए जाने के बावजूद वे बदहाल पड़े हैं और खिलाड़ियों के किसी काम नहीं आ रहे हैं। इस नाकामी के बीच अब एक नए स्टेडियम के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

A
Ankit Yadav
25 अग 2026, 17:46
स्टेडियमों की बदहाली: गढ़वा में करोड़ों खर्च के बावजूद खेल सुविधाएं बेकार, अब नए स्टेडियम की तैयारी
झारखंड के गढ़वा जिले में खेल विकास के दावों की असलियत बेहद चौंकाने वाली है। स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रशासन द्वारा पहले से ही चार अलग-अलग स्टेडियमों का निर्माण कराया गया था। इन खेल परिसरों को खड़ा करने में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की भारी-भरकम राशि पानी की तरह बहाई गई थी। हालांकि, उचित रखरखाव के अभाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण ये सभी मौजूदा स्टेडियम आज पूरी तरह से जर्जर और बेकार स्थिति में पहुंच चुके हैं। खेल मैदानों पर घास उग आई है, बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है और युवा खिलाड़ी इन परिसरों का उपयोग करने से कतरा रहे हैं।

लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे स्थानीय खिलाड़ी

करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ज़मीनी स्तर पर खेल सुविधाओं का इस कदर बदहाल हो जाना गंभीर चिंता का विषय है। जानकारों का कहना है कि निर्माण के बाद से ही इन स्टेडियमों की देखरेख के लिए कोई पुख्ता नीति नहीं बनाई गई थी। परिणामस्वरूप, समय के साथ ये खेल मैदान असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए या फिर प्राकृतिक मार झेलकर खंडहर में तब्दील होने लगे। गढ़वा के युवा और उभरते हुए एथलीट लंबे समय से इन पुरानी खेल संरचनाओं के जीर्णोद्धार और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे थे, ताकि उन्हें अभ्यास करने के लिए एक उचित मंच मिल सके। लेकिन उनकी शिकायतों पर लंबे समय तक कोई ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाया गया।

नए स्टेडियम के निर्माण पर उठ रहे बड़े सवाल

पुरानी खेल संरचनाओं की घोर उपेक्षा और उनकी बर्बादी के बीच अब प्रशासन की ओर से एक नए स्टेडियम के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि, इस नए प्रोजेक्ट के ऐलान के बाद से ही स्थानीय खेल प्रेमियों और विभिन्न संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का सवाल है कि जब पूर्व में बनाए गए चार स्टेडियमों को ठीक से सहेजा नहीं जा सका और करोड़ों रुपये बर्बाद हो गए, तो इस नई परियोजना की क्या गारंटी है? जनता और खेल प्रेमी मांग कर रहे हैं कि नए निर्माण कार्य में धन झोंकने से पहले पुराने स्टेडियमों की बदहाली के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और मौजूदा परिसरों को ही दुरुस्त करने पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

भविष्य की रूपरेखा और सुधार की उम्मीदें

प्रशासनिक स्तर पर भले ही नए खेल मैदान को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई हो, लेकिन जब तक जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और सख्त मॉनिटरिंग नहीं लाई जाती, तब तक ऐसी योजनाओं का लाभ धरातल पर उतरना मुश्किल नजर आता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि गढ़वा के युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देने के लिए केवल बड़े-बड़े भवनों और स्टेडियमों का शिलान्यास करना काफी नहीं है, बल्कि उनके निरंतर रखरखाव और खेल उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि स्थानीय प्रशासन जनता के विरोध और सवालों के बीच इस नई परियोजना को किस प्रकार आगे बढ़ाता है और क्या पुरानी गलतियों से कोई सबक लिया जाता है या नहीं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज