'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई
बिहार की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट: एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, बिल्डिंग के बाहर शव बिखरे; घनी आबादी क...
PHOTOS: स्कॉर्पियो से कैदी वाहन और महंगे होटलों से जेल के खाने तक... मॉडल श्रद्धा दुबे का डाउनफॉल!
राहुल गांधी पर पीएम मोदी के लगातार हमले लेकिन नेहा बोरा-दीपके पर चुप्पी के क्या मायने हैं
'पता नहीं डोनाल्ड ट्रंप को कब अक्ल आएगी...', अमेरिकी राष्ट्रपति पर क्यों भड़क उठे फारूक अब्दुल्ला?
फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम... जामिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर किसने लिखा, 'नो स्पेस फॉर संघी'
यूसुफ पठान के विवादित प्लॉट को नगर निगम की भी मंजूरी, कांग्रेस बोली- 1 वोट की कीमत 15 करोड़
दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की नेहा बोरा की याचिका, कहा- कार्रवाई शुरू करने के लिए पर्याप्त जानकारी और दस्तावे
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
खेल संवाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए खेलो इंडिया डायलॉग को किया संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खेलो इंडिया डायलॉग को संबोधित किया, जिसमें देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और एथलीटों को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
A
Ankit Yadav
28 अग 2026, 13:20
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित खेलो इंडिया डायलॉग को संबोधित करते हुए देश भर के एथलीटों, खेल प्रेमियों और हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के खेल ढांचे को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की रूपरेखा साझा करना था। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान भारतीय खेल जगत में आए सकारात्मक बदलावों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के खिलाड़ियों द्वारा हासिल की जा रही ऐतिहासिक सफलताओं पर विस्तार से चर्चा की।
जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति का विस्तार
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि खेलो इंडिया पहल ने देश के दूर-दराज के कोनों से छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है। पहले छोटे शहरों या ग्रामीण इलाकों के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं तक पहुंच पाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने खेल के मैदान को सबके लिए समान बना दिया है। सरकार की ओर से लगातार आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है, जिससे युवा खिलाड़ियों को अपनी खेल क्षमताओं को तराशने के लिए बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने खेल और फिटनेस को देश के आम जनजीवन का एक अभिन्न अंग बनाने के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ राष्ट्र ही एक सशक्त राष्ट्र बन सकता है, और इसके लिए युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता होना बेहद जरूरी है। 'खेलो इंडिया' केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश में खेल की एक मजबूत और स्थायी संस्कृति विकसित करने का एक बड़ा राष्ट्रीय अभियान है। इस विजन के तहत विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे स्कूल और कॉलेज स्तर से ही बच्चों में खेल के प्रति रुचि बढ़ रही है।
भविष्य की योजनाएं और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन
संबोधन के दौरान उन्होंने खेल जगत से जुड़े सभी कोचों, प्रशासकों और अभिभावकों की भूमिका की भी सराहना की, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में निरंतर अपना योगदान दे रहे हैं। आने वाले समय में देश के खेल इकोसिस्टम को और अधिक उन्नत बनाने के लिए कई नई पहलों पर काम चल रहा है, ताकि भारतीय एथलीट वैश्विक प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन कर सकें। इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें देश के शीर्ष नेतृत्व से सीधा प्रोत्साहन प्राप्त होता है, जो उन्हें और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है।