भारतीय खेल जगत और एथलेटिक्स प्रेमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बेहद रोमांचक और गर्व करने वाली खबर आई है। अमेरिका में आयोजित हो रही प्रतिष्ठित 'विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप' में भारत के 19 वर्षीय भाला फेंक खिलाड़ी आशीष यादव ने अपनी अद्भुत शारीरिक क्षमता और तकनीकी निपुणता का प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की भाला फेंक (Javelin Throw) स्पर्धा में रजत पदक (Silver Medal) जीतकर तिरंगा फहराया है। बेहद कड़े और तनावपूर्ण फाइनल मुकाबले में आशीष ने 81.42 मीटर का थ्रो फेंककर दुनिया भर के दिग्गज युवा एथलीटों को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया, जो उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन (Personal Best) भी है।
फाइनल स्पर्धा की शुरुआत से ही आशीष यादव ने बहुत ही एकाग्रता और आक्रामक शैली के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 78.90 मीटर का थ्रो फेंककर पदक की दौड़ में बढ़त बनाई, लेकिन अपने पांचवें प्रयास में उन्होंने अपनी पूरी ताकत और सटीक थ्रोइंग तकनीक का उपयोग करते हुए भाले को 81.42 मीटर की दूरी तक पहुंचा दिया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक फिनलैंड के शीर्ष खिलाड़ी ने 82.10 मीटर के थ्रो के साथ जीता, जबकि कांस्य पदक जर्मनी के एथलीट के खाते में गया। मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के रहने वाले आशीष पिछले तीन वर्षों से पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में कड़ा अभ्यास कर रहे थे और राष्ट्रीय जूनियर स्तर पर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।
नीरज चोपड़ा को माना प्रेरणास्रोत, एथलेटिक्स महासंघ ने दी बधाई
रजत पदक जीतने के बाद मैदान पर भारतीय तिरंगा लहराते हुए आशीष यादव काफी भावुक दिखाई दिए। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच, माता-पिता और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को दिया। आशीष ने कहा, "नीरज भैया हम सभी युवा एथलीटों के लिए सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं। मैच से पहले उन्होंने मुझे फोन करके शांत रहने और केवल अपनी रिलीज तकनीक पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी, जिससे मुझे बहुत मदद मिली। मेरा अगला लक्ष्य वरिष्ठ राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना और देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतना है।"
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) के अध्यक्ष और केंद्रीय खेल मंत्रालय ने आशीष यादव को उनकी इस शानदार अंतरराष्ट्रीय सफलता पर हार्दिक बधाई दी है। खेल मंत्रालय ने आशीष के लिए विशेष नकद पुरस्कार राशि की घोषणा की है और उन्हें तुरंत 'टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना' (TOPS) के डेवलपमेंट ग्रुप में शामिल करने का फैसला लिया है। इस उपलब्धि के बाद भारत में एक बार फिर भाला फेंक खेल को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।