देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर छुपी हुई प्रतिभाओं को तलाशने के राष्ट्रीय अभियान के तहत आज जालंधर में खेलो इंडिया बॉक्सिंग टीम के चयन के लिए कड़े ट्रायल शुरू हो गए हैं। इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए राज्य भर से सैकड़ों युवा मुक्केबाज और उनके प्रशिक्षक निर्धारित स्थल पर पहुंचे हैं। चयनकर्ताओं की पैनी नजर हर एक प्रतिभागी के कौशल, स्टेमिना और रिंग में उसकी रणनीतिक सूझबूझ पर टिकी हुई है। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर ही सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा ताकि वे आने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में देश का नाम रोशन कर सकें।
कड़ा मुकाबला और चयनकर्ताओं की पैनी नजर ट्रायल के पहले दिन विभिन्न भार वर्गों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला। युवा एथलीटों ने अपने पंच और डिफेंसिव स्किल्स का बेहतरीन प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। शारीरिक दक्षता परीक्षण से लेकर रिंग के भीतर तकनीकी कौशल तक, हर मानक पर खिलाड़ियों को परखा जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की चयन प्रक्रिया से न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि उन्हें एक पेशेवर मंच भी मिलता है। पंजाब के खेल बुनियादी ढांचे में हाल के वर्षों में आए सुधारों का ही परिणाम है कि आज प्रदेश के युवा विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
भविष्य के चैंपियनों की तैयारी चयनित होने वाले खिलाड़ी आगे चलकर विशेष कैंपों में हिस्सा लेंगे, जहाँ उन्हें देश के शीर्ष कोचों के मार्गदर्शन में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। खेलो इंडिया योजना का मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने से ऐसी प्रतिभाओं को चुनना है जो भविष्य में ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत के लिए पदक जीत सकें। जालंधर में चल रहे इन ट्रायल्स ने स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं में नई ऊर्जा भर दी है, और हर कोई अपने चहेते खिलाड़ियों को रिंग में सफल होते देखना चाहता है।