कंटाप
NEWS
बुधवार, 16 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
दो हज़ार रुपये से अधिक की इस यूपीआई पेमेंट पर लगेगा चार्ज, जानिए आम लोगों पर क्या होगा असर      पाकिस्तान ने 'मोस्ट वॉन्टेड' मसूद अज़हर पर क्यों बढ़ाई इनामी रकम      हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब ने मक्का और जेद्दाह में जारी किए थे अलर्ट      सऊदी ने 30 साल में पहली बार चलाई चीन से मिली DF-15A मिसाइल, हूतियों को बनाया निशाना, यमन के रेगिस्तान में गिरी      Gurugram Hit And Run Case Live: गुरुग्राम में महिला बाइकर को टक्कर मारने वाला आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान से प...      बिहार में UCC किसी कीमत पर लागू नहीं होगा, अमित शाह के ऐलान के बाद बोले जदयू MLA      महिलाएं सावधान! मार्केट में धड़ल्ले से बिक रहा पाकिस्तानी मेकअप का सामान, चेतावनी      नंदीग्राम उपचुनाव में BJP का बड़ा दांव, CM शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA की मां को टिकट; रेजीनगर से किसे बना     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश

रणनीतिक चेतावनी: प्रधानमंत्री मोदी ने प्रौद्योगिकी और खनिजों के हथियार के रूप में इस्तेमाल पर जताई चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वैश्विक मंच पर तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों के रणनीतिक हथियारों के रूप में दुरुपयोग किए जाने को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है।

A
Ankit Yadav
13 सित 2026, 19:49
रणनीतिक चेतावनी: प्रधानमंत्री मोदी ने प्रौद्योगिकी और खनिजों के हथियार के रूप में इस्तेमाल पर जताई चिंता
वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधुनिक तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के बढ़ते रणनीतिक इस्तेमाल पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किस प्रकार कुछ ताकतवर देश और समूह आपूर्ति श्रृंखलाओं, तकनीकी संसाधनों और मूल्यवान खनिजों को भू-राजनीतिक दबाव बनाने तथा अपनी कूटनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम बना रहे हैं। यह प्रवृत्ति अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सहयोग की भावना के बिल्कुल विपरीत है, जिससे विकासशील और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर मंडराता खतरा

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर के देश रेयर अर्थ मिनरल्स और अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीकों तक अपनी पहुंच को लेकर अत्यधिक सतर्क हो गए हैं। कई राष्ट्र इन अहम संसाधनों के वैश्विक व्यापार का इस्तेमाल अन्य देशों को नियंत्रित करने या उन पर अनुचित दबाव डालने के लिए कर रहे हैं। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा हो रहा है और निष्पक्ष व्यापार नियमों को गहरी चोट पहुंच रही है। इस प्रकार की प्रवृत्तियों के कारण पूरी दुनिया में सप्लाई चेन के बाधित होने का खतरा हमेशा बना रहता है, जिससे आर्थिक वृद्धि की गति धीमी हो सकती है। भारत जैसे विशाल और तेजी से आगे बढ़ने वाले देशों के लिए यह विषय अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का तकनीकी विकास और हरित ऊर्जा संक्रमण बहुत हद तक इन महत्वपूर्ण खनिजों तथा आधुनिक तकनीकों की सुचारू आपूर्ति पर निर्भर करता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक समुदाय को मिलकर एक ऐसा पारदर्शी और भरोसेमंद ढांचा तैयार करना होगा जो एकाधिकार को रोके और सभी देशों को समान अवसर प्रदान करे। तकनीक और खनिज किसी विशेष देश के भू-राजनीतिक हथियार नहीं बनने चाहिए, बल्कि इनका उद्देश्य मानवता की सामूहिक प्रगति और सतत विकास होना चाहिए। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक गंभीर चर्चा होने की पूरी संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक शक्तियों ने समय रहते इस दिशा में उचित कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में संसाधन आधारित संघर्ष और अधिक तीव्र हो सकते हैं। भारत की ओर से दी गई यह चेतावनी वैश्विक अर्थव्यवस्था को संतुलित रखने और निष्पक्ष कूटनीतिक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज