कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन
सप्ताह के एक विशेष सत्र के दौरान भारतीय वित्तीय बाजारों के प्रमुख स्तंभों में सकारात्मक चाल देखने को मिली जिससे निवेशकों का उत्साह काफी बढ़ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने कुल 168.03 अंकों की शानदार छलांग लगाई और वह 74,319.07 के महत्वपूर्ण स्तर पर जा पहुंचा। इसके साथ ही देश के दूसरे प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 44.55 अंकों की बढ़त हासिल की और 22,981.30 के आंकड़े को पार कर लिया। बाजार के शुरुआती घंटों में ही कई बड़े शेयरों में जोरदार लिवाली का माहौल बन गया था जिससे सूचकांकों को ऊपर जाने में बहुत बड़ी मदद मिली। विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरी तेजी चुनिंदा ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों में हुई भारी लिवाली का सीधा परिणाम थी। बाजार के जानकारों ने बताया कि निवेशकों ने बहुत सूझबूझ के साथ चुनिंदा क्षेत्रों में अपनी पूंजी लगाई जिससे पूरे सिस्टम में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। हालांकि वैश्विक मोर्चे पर मिले-जुले रुझान आ रहे थे, फिर भी घरेलू बाजार ने अपनी पूरी ताकत और मजबूती को साबित कर दिखाया। इस प्रकार के निरंतर सुधार से यह बात साफ हो जाती है कि भारतीय शेयर बाजार विपरीत परिस्थितियों में भी संभलने की पूरी क्षमता रखता है और छोटे-बड़े निवेशकों का भरोसा इस प्रणाली पर लगातार मजबूत होता जा रहा है।
विशिष्ट कंपनियों के शेयरों और वैश्विक बाजारों की स्थिति
शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों ने बेहद शानदार प्रदर्शन करके सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देश की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस और प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनी सन फार्मा के शेयरों में दो फीसदी का जोरदार उछाल दर्ज किया गया। इन दोनों ही कंपनियों के शेयरों में आई इस जबरदस्त तेजी ने पूरे बाजार को एक नई गति प्रदान करने में बहुत अहम भूमिका निभाई। तमाम निवेशकों ने इन दोनों ही बड़े शेयरों में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाई और जमकर खरीदारी की। यदि विदेशी बाजारों की बात करें तो वहां शुक्रवार को स्थिति काफी मिली-जुली और उतार-चढ़ाव से भरी हुई नजर आ रही थी। टोक्यो के समय के अनुसार दोपहर के बारह बजकर छह मिनट तक एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में एक फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी थी। जापान का टॉपिक्स सूचकांक भी दबाव में आते हुए 1.3 फीसदी नीचे लुढ़क गया था। इसके विपरीत ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक शून्य दशमलव चार फीसदी की बढ़ती हुई चाल के साथ बंद होने में सफल रहा। हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में डेढ़ फीसदी की अच्छी खासी मजबूती देखने को मिली और वह ऊपर चढ़ा। शंघाई कंपोजिट में शून्य दशमलव नौ फीसदी की गिरावट आई जबकि यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी शून्य दशमलव छह फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था।
बाजार चाल के पीछे के कारण और निवेशकों का रुख
भारतीय बाजार में आई इस ताजा तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय संकेतों और देश के अपने आंतरिक कारकों का एक मिला-जुला प्रभाव काम कर रहा था। बाजार विश्लेषकों का गहराई से अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि यह बढ़त इस बात का प्रमाण है कि चुनिंदा क्षेत्रों के प्रति निवेशकों का भरोसा अभी भी अडिग है। तमाम ग्लोबल बाजारों से मिल रहे विपरीत या मिले-जुले संदेशों के बावजूद भारतीय सूचकांकों ने अपनी आंतरिक ताकत के बल पर अपनी दिशा को सकारात्मक बनाए रखा। शुरुआती दौर के सत्र में जब कारोबार की शुरुआत हुई तो कई प्रमुख शेयरों में तेजी की लहर दौड़ गई थी जो अंत तक बाजार को सहारा देती रही। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेशकों का भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास गाथा पर पूरा विश्वास बना हुआ है और वे लंबी अवधि के निवेश को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे हैं। इस प्रकार की बाजार गतिविधियां यह दर्शाती हैं कि देश के वित्तीय तंत्र में पर्याप्त गहराई और स्थिरता मौजूद है। आने वाले दिनों में भी बाजार की यह चाल निवेशकों को लगातार आकर्षित करती रहेगी और घरेलू कारकों की मजबूती से बाजार को और अधिक संबल मिलने की पूरी संभावना बनी हुई है।