राजधानी के बाजारों में उमड़ी ग्राहकों की भीड़
पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना से जुड़ा यह पावन पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और भगवान शिव, माता पार्वती के साथ भगवान गणेश की विधिवत आराधना करती हैं। संध्या के वक्त व्रत कथा का श्रवण करने के बाद महिलाएं चंद्रमा का दीदार करती हैं और उन्हें अर्घ्य अर्पित करती हैं। इसके उपरांत पति के करकमलों से जल ग्रहण करके अपना उपवास पूर्ण करती हैं। इस पारंपरिक अनुष्ठान को संपन्न करने के लिए बाजारों में रौनक पूरी तरह चरम पर पहुंच चुकी है। आलमबाग, अमीनाबाद, गोमती नगर तथा भूतनाथ जैसे प्रमुख बाजारों में सजी दुकानों पर पूजन सामग्री के लिए जरूरी वस्तुएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। व्यापारी विनोद कुमार के अनुसार मिट्टी के पात्र और छोटे पूजन सेट की पूरी श्रृंखला अस्सी रुपए से शुरू होकर दो सौ रुपए तक के मूल्य पर बेची जा रही है।
विभिन्न प्रकार के करवे और परिधानों की मांग
पूजन विधान में करवे का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है जिसके माध्यम से व्रती महिलाएं चांद को जल अर्पित करती हैं। ऐसे में बाजारों में मिट्टी और पीतल के करवे खरीदने के लिए महिलाओं की काफी आवाजाही बनी हुई है। इनमें मिट्टी के बर्तनों की मांग सर्वाधिक दर्ज की जा रही है जिनकी न्यूनतम कीमत पचास रुपए से शुरू होती है। वहीं धातु के रूप में पीतल के करवे दो सौ रुपए से लेकर हजारों रुपए तक के मूल्य दायरे में बिक रहे हैं। इसके अतिरिक्त सर्राफा कारोबारियों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए चांदी के करवे भी बाजार में उतारे गए हैं जिनकी बिक्री भी बहुत अच्छी हो रही है। इस सुहाग के पर्व पर पारंपरिक परिधानों में सजने के लिए महिलाओं द्वारा वस्त्रों की खरीदारी में तेजी आ गई है। खासकर सिल्क से बनी साड़ियों के प्रति महिलाओं का आकर्षण लगातार बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। व्यापारी बताते हैं कि त्योहार पर पारंपरिक शैली अपनाने के लिए महिलाएं बनारसी सिल्क के साथ दक्षिण भारत की सिल्क साड़ियों को भी बड़े चाव से खरीद रही हैं।
ब्यूटी पार्लरों में एडवांस बुकिंग और कारोबार
उत्सव के इस विशेष दिन पर खुद को संवारने और सजाने के लिए ब्यूटी पार्लरों के भीतर लंबी प्रतीक्षा सूची चल रही है। स्थिति यह है कि महिलाओं ने इसके लिए काफी पहले ही अपनी एडवांस बुकिंग करवा ली थी। पार्लरों में आने वाली ग्राहकों द्वारा विभिन्न प्रकार की मेकअप सेवाओं की मांग की जा रही है जिससे संचालिकाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। इन केंद्रों पर सेवा शुल्क पैकेज एक हजार रुपए से शुरू होकर बीस से पच्चीस हजार रुपए तक के दायरे में रखे गए हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के ब्यूटी पैकेज, फेशियल, पार्टी मेकअप तथा ब्राइडल मेकअप जैसी कई सुविधाएं शामिल की गई हैं। महिलाएं अपनी व्यक्तिगत पसंद और अपने तय बजट के अनुसार इन पैकेजों का चयन कर रही हैं। इसके अलावा करवा चौथ के इस उल्लासपूर्ण माहौल के बीच बाजार में पारंपरिक व्यंजन सामग्री जैसे लैया, चूड़ा और बच्चों के मनोरंजन के लिए खिलौनों की दुकानें भी पूरी तरह सज चुकी हैं।