जुड़वां भाइयों की हत्या का मामला
राजस्थान के डीग जिले के बड़ेसरा गांव में बीते 20 अक्टूबर की सुबह दो सगे भाइयों विनय और विष्णु के रक्त रंजित शव एक खाली प्लॉट पर पाए गए थे। ये दोनों बालक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र में स्थित मंस्या गांव के निवासी थे। 13 वर्षीय इन बच्चों की असामयिक और दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच-पड़ताल शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ करना आरंभ किया। घटनास्थल के आसपास के निवासियों से भी पुलिस ने जानकारी जुटाई ताकि आरोपियों तक पहुंचने के लिए कोई सुराग मिल सके। पुलिस ने जब परिवार के सदस्यों के बयानों का मिलान किया तो मृतक बच्चों की मां प्रीति की बातों में विरोधाभास पाया गया। मां यह बताने में विफल रही कि तड़के करीब छह बजे उसके दोनों बच्चे एक साथ घर से बाहर क्यों निकले थे। इस संदेह के आधार पर ही जांच का रुख दोषियों की ओर मुड़ा और आखिरकार पुलिस इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सफल रही।
घर के भीतर रची गई साजिश
जनूथर थाने के प्रभारी रामभरोसी मीणा के अनुसार, पुलिस ने घर की तलाशी के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। घर के भीतर खून के धब्बे मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या को घर के अंदर ही अंजाम दिया गया था और शवों को बाद में करीब 250 मीटर दूर खाली प्लॉट में फेंका गया था। प्रीति के निजी कमरे से खून से सने हुए परिधान और वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को पुलिस ने बरामद किया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने कुएं से कुछ अन्य कपड़े, दरी, चादर और बोरी भी खोज निकाली है, जिन्हें जांच प्रक्रिया में सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला कि प्रीति के उसी गांव के निवासी राजेश के साथ प्रेम संबंध चल रहे थे। राजेश को भी पुलिस ने इस हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। दोनों का एक साथ होना और हत्या के लिए कुल्हाड़ी का प्रयोग, दोनों ही बातें इस बात की पुष्टि करती हैं कि इसे बेहद सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और जांच की स्थिति
विनय और विष्णु के पिता निरंजन सिंह सेना में कार्यरत थे और उनका परिवार हाथरस जिले में स्थित मंस्या गांव से जुड़ा था। पिता के निधन के बाद प्रीति अपने तीनों पुत्रों और एक पुत्री के साथ अपने मायके यानी राजस्थान के बड़ेसरा गांव में आकर रहने लगी थी। पुलिस की वर्तमान थ्योरी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण का कारण मां का विवाहेतर संबंध है। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों में से किसी एक को अपनी मां और राजेश के बीच के संबंधों की भनक लग गई थी। इस राज के सार्वजनिक होने और अपनी बदनामी के डर से प्रीति और उसके प्रेमी राजेश ने मिलकर इन दोनों भाइयों को रास्ते से हटाने का खतरनाक फैसला किया। फिलहाल पुलिस इस बात की गहन तहकीकात कर रही है कि घटनाक्रम में और कौन-कौन सी कड़ियां शामिल हैं। हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और पूरी घटना की विस्तृत कार्ययोजना को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस द्वारा जांच पूरी करने के बाद ही जनता के समक्ष रखा जाएगा। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी है।