नागपुर से गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड
उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल ने नागपुर से श्रद्धा दुबे को दबोच लिया है जो पिछले 11 दिनों से पुलिस की पकड़ से दूर चल रही थी। यह कार्रवाई हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट के परिसर में नौ अक्टूबर को व्यापारी शिवा के नीचे गिरने से हुई मौत के सिलसिले में की गई है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान उसकी बहन रश्मि दुबे के साथ ड्राइवर दानिश को भी हिरासत में ले लिया गया है। जिला अदालत की ओर से इस मामले में आरोपित श्रद्धा दुबे को बहत्तर घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया गया है। पुलिस बल इन तीनों आरोपियों को सड़क मार्ग या अन्य माध्यम से नागपुर से सीधे राजधानी लखनऊ लेकर आ रहा है। आज ही के दिन इस महिला आरोपी को लखनऊ की अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। इस गिरफ्तारी के बाद से शहर के प्रशासनिक और पुलिस हलकों में हड़कंप मच गया है और कड़ाई से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
पार्टियों से संपर्क और वसूली का नेटवर्क
पुलिस की शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि आरोपी महिला को भव्य जीवनशैली जीने का शौक था और वह रातोंरात धनवान बनना चाहती थी। अपनी इसी चाहत को पूरा करने के लिए वह विभिन्न क्लबों और पार्टियों में जाने लगी जहां वह बड़े लोगों से मेलजोल बढ़ाने लगी थी। धीरे-धीरे उसका संपर्क कुछ कुख्यात अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों से हो गया जिनकी सहायता से वह लोगों को डराकर अवैध वसूली करने के धंधे में उतर आई। कारोबारी शिवा शर्मा से भी उसकी मुलाकात इसी तरह की किसी पार्टी के दौरान ही हुई थी। घटना के बाद से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई हैं जिनमें वह फोन पर किसी व्यक्ति को अपने पंटर बुलाकर सबक सिखाने की धमकी दे रही है। पड़ताल में पता चला कि गोमतीनगर के किसान बाजार समिट बिल्डिंग और हजरतगंज के मुख्य बाजारों में कई ऐसे लड़के सक्रिय हैं जो पैसों के बदले किसी का भी पीछा करने या मारपीट करने का काम करते हैं। श्रद्धा अपने इन सहयोगियों का उपयोग लोगों में खौफ पैदा करने के लिए किया करती थी। उसने पिछले साल ही एक स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी थी जिसे वह प्यार से अपना नया बच्चा पुकारती थी। उस वाहन को खरीदने के दिन इन सभी लड़कों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर बधाई दी थी जिसे उसने अपने इंस्टाग्राम पर साझा भी किया था।
फिल्मी दुनिया की चाहत और राजनीतिक पृष्ठभूमि
संगीत की दुनिया में अपना भाग्य आजमाने वाली श्रद्धा दुबे को दो हजार उन्नीस में जी म्यूजिक कंपनी की ओर से एक पहला मौका मिला था। उस म्यूजिक एल्बम में वह मुख्य भूमिका के रूप में नजर आई थी जिसके बोल इशरत पठान ने लिखे थे और संजीव तथा अंतरा ने अपनी आवाज दी थी। स्क्रीन पर उसके साथ मॉडलिंग करने वाले संजीव और भव्य भी दिखाई दिए थे जिसे अठारह फरवरी को रिलीज किया गया था। हालांकि जैसी उम्मीद की जा रही थी वैसा यह गाना अधिक लोकप्रिय नहीं हो पाया और अभिनय को लेकर उसे कई नकारात्मक टिप्पणियां मिलने लगीं। इसके बाद उस म्यूजिक कंपनी ने उसे दोबारा कभी काम करने का अवसर नहीं प्रदान किया। धीरे-धीरे वह चेन स्मोकर बन गई और पार्टियों में शराब तथा सिगरेट के साथ नजर आने लगी। इसके अलावा उसने राजनीति में भी हाथ आजमाया था और शिवपाल यादव की पार्टी से जुड़कर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की थी। हालांकि राजनीतिक गलियारों में उसके पैर पूरी तरह नहीं जम सके लेकिन इस पहचान का फायदा उसे हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बड़े आयोजनों में विशेष अतिथि के रूप में मिलने लगा। विलासिता से भरी इस चमक-धमक वाली जिंदगी के बीच उसके गलत इरादे और गतिविधियां आखिरकार उसे आज कानून के शिकंजे और सलाखों के पीछे ले आई हैं।